पंचायत चुनाव: इस बार मैदान में हैं नेताओं के ये बेटे-बेटियां
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जिला मंडी में हो रहे पंचायत चुनावों में भाजपा-कांग्रेस के कई दिग्गजों की साख दांव पर है। बड़ी बात यह है कि जिला परिषद की टक्कर में जहां कई नेता खुद खड़े हो रहे हैं, वहीं कई दिग्गजों की अगली पीढ़ी भी मैदान में है। पंचायत चुनाव जंग में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बेटे और बेटियां भी जिला परिषद पद पर किस्मत आजमाने को उतरे हैं।
दोनों प्रमुख दलों से जिला परिषद और बीडीसी पद पार्टी समर्थित उम्मीदवार तय कर दिए हैं। पंचायत चुनाव में कांग्रेस और भाजपा नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर इस बार धन्यारा वार्ड से जिला परिषद का चुनाव लड़ रही हैं। यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित है।
कोट (सदर) वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से चंपा ठाकुर को यह वार्ड छोड़ना पड़ा और धन्यारा वार्ड से चुनावी जंग में उतरेगी। चंपा ठाकुर कोट वार्ड से लगातार दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर मैदान में
जिला कांग्रेस अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर ने इस बार बड़ीधार वार्ड से जिला परिषद पद चुनाव मैदान में उतरे हैं। दो जिला परिषद सदस्य रह चुके पूर्ण चंद ठाकुर को टांडू वार्ड महिला के लिए आरक्षित होने से उन्हें चुनाव क्षेत्र बदलना पड़ा।
यहां दावं पर लगी है इन नेताओं की साख
पूर्व लोक निर्माण मंत्री और जोगिंद्रनगर भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर के बेटे सोमेंद्र ठाकुर पहली बार नेरघरवासड़ा वार्ड से जिला परिषद का चुनाव लड़ रहे हैं। नेरघरवासड़ा उनकी गृह पंचायत भी हैं। इस बार नेरघरवासड़ा वार्ड अनारक्षित है। सोमेंद्र ठाकुर ने बताया कि वे पहले चुनाव लड़ रहे हैं। नेरघरवासड़ा से उनकी मां दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं।
पूर्व परिवहन मंत्री एवं धर्मपुर से भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी बंदना गुलेरिया सज्याओपिपलू वार्ड से दूसरी बार जिला परिषद का चुनाव लड़ रही हैं। यह वार्ड अनारक्षित है। पिछले चुनाव में बंदना ने इसी वार्ड से जिला परिषद सदस्य चुनीं गई थी।