कैबिनेट के फैसले से कर्ण सिंह नाराज, कहा बदलवाकर ही रहूंगा
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कैबिनेट बैठक में बैच आधार पर आयुर्वेद डाक्टरों की भर्ती पर लगाई गई रोक से आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह नाराज हैं। उन्होंने कैबिनेट के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे गलत ठहराया है। शनिवार को सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बात करते हुए कर्ण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष इस मामले को उठाऊंगा। फैसले को बदलवाकर ही रहूंगा।
कैबिनेट की बैठक के दिन वह कुल्लू के कोटला गांव में थे। बैठक में आयुर्वेद का एजेंडा जाने की भी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद महकमा डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है। स्वास्थ्य महकमे को अपने एजेंडे में आयुर्वेद डाक्टर नहीं जोड़ने चाहिए थे। ऐसा करने से पहले एक बार उनसे बात करनी चहिए। 17 नवंबर को हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने बैच आधार पर डाक्टरों की भर्ती पर रोक लगा दी है।
सरकार ने लिया था ये फैसला
दंत और आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों दोनों ही श्रेणियों की सीधी भर्ती करने का फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने बैच और सीधी भर्ती के 50:50 के अनुपात को बदलने का फैसला लिया है। इन दोनों ही श्रेणियों के लिए प्रत्यक्ष भर्ती प्रक्रिया को अपनाने की बात कही गई। चिकित्सकों के पदों की भर्ती में 50 फीसदी पद सीधी भर्ती और 50 प्रतिशत बैच आधार पर भरने का ट्रेंड लंबे समय से चल रहा है।
अब ये पद सौ फीसदी कमीशन से ही भरे जाएंगे। ये सारी भर्तियां प्रथम श्रेणी पदों के लिए होंगी। मंत्रिमंडल के इस फैसले को लेकर शनिवार को आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों ने मंत्री कर्ण सिंह से मुलाकात कर अपना विरोध जताया। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को इस फैसले को बदलवाने का आश्वासन दिया।
कोटला हादसे में मदद पर जताया आभार
कुल्लू जिला के कोटला गांव में हुए अग्निकांड के बाद आर्थिक सहायता देने पर मंत्री कर्ण सिंह ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सांसद शांता कुमार, सांसद रामस्वरूप शर्मा सहित अन्य संस्थाओं का आभार जताया है।