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Shimla News: मिल्कफेड में 50 हजार लीटर प्रतिदिन बढ़ी दूध की खरीद
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दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़ी हैं हजारों महिलाएं
दूध खरीद का मूल्य बढ़ने से जुड़े सैकड़ों लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हर साल दूध का कारोबार बढ़ता जा रहा है। बीते साल के मुकाबले इस वर्ष मिल्कफेड प्रतिदिन एक लाख 90 हजार लीटर दूध खरीद रहा है।
बीते साल मिल्कफेड ने अधिकतम एक लाख चालीस हजार लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा था। ऐसे में मिल्कफेड हर रोज 50 हजार लीटर अतिरिक्त दूध की खरीद कर रहा है। दूध खरीद बढ़ने का मुख्य कारण सरकार की ओर से बढ़ाई गई दूध की दरें माना जा रहा है। प्रदेश में गाय के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपये और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 रुपये प्रति लीटर तय किया है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की पशुपालन में रुचि बढ़ी है। महिलाएं घर में खेती का काम करने के साथ दुग्ध कारोबार से जुड़कर अपनी आर्थिकी स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैैं। वर्तमान समय में मिल्कफेड से प्रदेशभर के 50 हजार से ज्यादा दूध कारोबारी जुड़े हैं। प्रदेश में 1,147 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं जिनके 47,500 सदस्य हैं। इनमें अकेले महिलाओं की संख्या 19,388 तक पहुंच गई है।
प्रदेश में हैं 11 दुग्ध संयंत्र
प्रदेश सरकार ने दूध कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में 11 दुग्ध संयंत्र स्थापित किए हैं। यह संंयंत्र मंडी, कांगड़ा, दत्तनगर, नाहन, रोहडू, नालागढ़, ऊना, माहौल, चंबा, जंगल बैरी और रिकांगपियो में हैं। इसमें मंडी में स्थापित दुग्ध संयंत्र में 50 हजार लीटर दूध प्रतिदिन स्टोर करने की क्षमता है। इसके अलावा कांगड़ा और दत्तनगर में 20 हजार तथा अन्य दुग्ध संयंत्रों में पांच हजार लीटर दूध प्रतिदिन स्टोर करने की क्षमता है। इसके अलावा प्रदेश में 106 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए हैं।
कोट
मिल्कफेड में बीते साल के मुकाबले इस साल पचास हजार लीटर प्रतिदिन दूध की खरीद बढ़ी है। बीते वर्ष जहां एक लाख 40 हजार लीटर दूध एक दिन में अधिकतम खरीदा था वहीं इन दिनों रोज़ाना एक लाख 90 हजार लीटर दूध की खरीद की जा रही है। -प्रीति आर्य, वरिष्ठ प्रबंधक, मिल्कफेड शिमला
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दूध खरीद का मूल्य बढ़ने से जुड़े सैकड़ों लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हर साल दूध का कारोबार बढ़ता जा रहा है। बीते साल के मुकाबले इस वर्ष मिल्कफेड प्रतिदिन एक लाख 90 हजार लीटर दूध खरीद रहा है।
बीते साल मिल्कफेड ने अधिकतम एक लाख चालीस हजार लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा था। ऐसे में मिल्कफेड हर रोज 50 हजार लीटर अतिरिक्त दूध की खरीद कर रहा है। दूध खरीद बढ़ने का मुख्य कारण सरकार की ओर से बढ़ाई गई दूध की दरें माना जा रहा है। प्रदेश में गाय के दूध का खरीद मूल्य 45 रुपये और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 55 रुपये प्रति लीटर तय किया है। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की पशुपालन में रुचि बढ़ी है। महिलाएं घर में खेती का काम करने के साथ दुग्ध कारोबार से जुड़कर अपनी आर्थिकी स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैैं। वर्तमान समय में मिल्कफेड से प्रदेशभर के 50 हजार से ज्यादा दूध कारोबारी जुड़े हैं। प्रदेश में 1,147 ग्राम दुग्ध सहकारी समितियां हैं जिनके 47,500 सदस्य हैं। इनमें अकेले महिलाओं की संख्या 19,388 तक पहुंच गई है।
प्रदेश में हैं 11 दुग्ध संयंत्र
प्रदेश सरकार ने दूध कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशभर में 11 दुग्ध संयंत्र स्थापित किए हैं। यह संंयंत्र मंडी, कांगड़ा, दत्तनगर, नाहन, रोहडू, नालागढ़, ऊना, माहौल, चंबा, जंगल बैरी और रिकांगपियो में हैं। इसमें मंडी में स्थापित दुग्ध संयंत्र में 50 हजार लीटर दूध प्रतिदिन स्टोर करने की क्षमता है। इसके अलावा कांगड़ा और दत्तनगर में 20 हजार तथा अन्य दुग्ध संयंत्रों में पांच हजार लीटर दूध प्रतिदिन स्टोर करने की क्षमता है। इसके अलावा प्रदेश में 106 बल्क मिल्क कूलर भी स्थापित किए हैं।
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मिल्कफेड में बीते साल के मुकाबले इस साल पचास हजार लीटर प्रतिदिन दूध की खरीद बढ़ी है। बीते वर्ष जहां एक लाख 40 हजार लीटर दूध एक दिन में अधिकतम खरीदा था वहीं इन दिनों रोज़ाना एक लाख 90 हजार लीटर दूध की खरीद की जा रही है। -प्रीति आर्य, वरिष्ठ प्रबंधक, मिल्कफेड शिमला
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