फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Mid-day meal workers should be paid 12 not 10 months salary: High Court

मिड-डे मील वर्करों को 10 नहीं 12 माह वेतन दिया जाए: हाईकोर्ट

Sat, 09 Nov 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 09 Nov 2019 05:00 AM IST
विज्ञापन
Mid-day meal workers should be paid 12 not 10 months salary: High Court
फाइल फोटो

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में तैनात मिड-डे मील वर्करों को हाईकोर्ट ने दस माह नहीं, बल्कि साल के 12 माह वेतन देने के आदेश दिए हैं। प्रदेश मिड-डे मील वर्कर यूनियन की याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने सरकार को यह आदेश जारी किए। प्रार्थी यूनियन ने अदालत से गुहार लगाई थी कि शिक्षा विभाग को आदेश दिए जाएं कि मिड-डे मील वर्करों को दस महीनों की जगह बारह महीने का वेतन दिया जाए।

विज्ञापन


याचिका में आरोप लगाया गया था कि शिक्षा विभाग प्रार्थी यूनियन के साथ भेदभाव कर रहा है। शिक्षा विभाग में कार्यरत गैर शिक्षक कर्मचारियों को भी पूरा साल वेतन दिया जाता है, लेकिन उन्हें दस महीनों का वेतन मिल रहा है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि शिक्षा विभाग मिड-डे मील वर्करों के साथ भेदभाव नहीं कर सकता, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से सुनाए निर्णय का भी हवाला देते हुए कहा कि मिड-डे मील वर्कर बारह महीनों के वेतन के हकदार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed