यहां बेटी के जन्म पर मनाते हैं जश्न, होती है दावत
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बेटी के जन्म पर मायूस होने की बात अब पुरानी होने लगी है। सरकार सहित दूसरे संगठनों की मुहिम में स्थानीय लोगों की भागीदारी अब रंग लाने लगी है।हिमाचल के मंडी जिले में इसका असर देखने को मिल रहा है। यहां बेटी पैदा होने पर लोग जश्न मनाने के साथ रिश्तेदारों और पड़ोसियों को धाम (दावत) देते हैं। क्षेत्र के महिला मंडल की सदस्य घर पहुंचकर उत्साह गीत गाती हैं और माता-पिता को बधाइयां देती हैं।
उल्लेखनीय है कि मंडी जिले के संधोल, लडभड़ोल और बलद्वाड़ा में घटते लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए जुलाई 2015 में उपायुक्त संदीप कदम ने ‘मेरी लाडली’ कार्यक्रम शुरू किया था। बेटी के जन्म पर प्रशासन के अधिकारी घर पहुंचते और बधाई कार्ड देते। रेडक्रॉस सोसायटी ने भी इसमें काफी सहयोग दिया। सोसायटी के सदस्य बेटी के जन्म पर गुड़िया (खिलौना) लेकर बच्ची के घर पहुंचते हैं। यह अभियान आज देश में एक मिसाल बन गया है।
बिना किसी मदद के मुहिम को चलाने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मंडी के उपायुक्त को हाल ही में सम्मानित किया था। केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस फेडरेशन की टीमें इस कार्यक्रम को ग्रास रूट पर क्रियान्वित करने के तरीकों का निरीक्षण कर चुकी हैं। मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति की ओर से जिले में गठित 4490 महिला मंडल और स्वयं सहायता समूह इस मुहिम से जुड़े हैं।
अपना फेसबुक पेज, सेल्फी वॉल भी
मेरी लाडली अभियान का अपना फेसबुक पेज है। इस पर लाखों लोग लाइक्स देकर जुड़ रहे हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी बेटी के साथ सेल्फी भी मांगी गई, जिसका परिणाम शानदार रहा। बॉलीवुड क्वीन कंगना रणौत के पिता अमनदीप ने भी बेटी के साथ सेल्फी भेजी।
उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि मेरी लाडली कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदली है। बेटी पैदा होने पर अब लोग धाम दे रहे हैं। महिला मंडल और स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बेटी के जन्म पर घर जाकर बधाई गीत गाती हैं। जिले के लिंगानुपात में भी इससे काफी सुधार आया है।