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भाजपा और कांग्रेस ने वित्तायोग के समक्ष रखी ये मांग, शिमला में हुई बैठक

Wed, 26 Sep 2018 09:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 26 Sep 2018 09:57 AM IST
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Memorandum given by BJP Congress and CPI (M) to 15th Finance Commission in shimla

15वें वित्तायोग की टीम को मंगलवार को भाजपा, कांग्रेस और माकपा के प्रतिनिधियों ने अपने ज्ञापन दिए और प्रदेश हित में कई मांगें उठाईं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों ने हिमाचल का कर्जा चुकवाने में मदद मांगी।

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तीनों राजनीतिक दलों भाजपा, कांग्रेेस और माकपा के प्रतिनिधियों ने आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह और उनके साथ आए सदस्यों को ज्ञापन दिए। आयोग के इन सदस्यों ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। 15वें वित्तायोग की सिफारिशों पर ही एक अप्रैल 2020 से लेकर आगामी पांच वर्षों के लिए हिमाचल को विभिन्न मदों पर केंद्रीय बजट मिलेगा। 

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कर्ज में डूबे हिमाचल को दें विशेष आर्थिक पैकेज : भाजपा 

Memorandum given by BJP Congress and CPI (M) to 15th Finance Commission in shimla

 भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की अध्यक्षता में 15वें वित्तायोग के अध्यक्ष और सदस्यों से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में सत्ती के साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा, प्रदेश महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर और प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा शामिल थे।

भाजपा ने अपने ज्ञापन में विशेष आर्थिक सहयोग की मांग उठाते हुए कहा कि प्रदेश लगभग 48,000 करोड़ रुपये के कर्र्जे में डूबा हुआ है। हिमाचल को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए। प्रतिवर्ष आंधी, तूफान, बारिश, बाढ़ जैसी प्राकृ तिक आपदाओं से करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इस वर्ष तो नुकसान 3000 करोड़ तक पहुंच चुका है।

प्रदेश को प्रतिवर्ष दी जाने वाली 200 करोड़ रुपये की राहत राशि में बढ़ोतरी की जाए। भाखड़ा बांध और पौंग बांध परियोजनाओं से हिमाचल को इसका हिस्सा मिले। भाजपा ने हवाई अड्डाें और रेलवे विस्तारीकरण को भी मदद मांगी। वन संपदा की एवज में प्रदेश को आर्थिक मदद मांगी।

सड़क निर्माण रखरखाव को अधिक धनराशि दें। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों को भी विकास कार्यों के लिए बजट दें। भाजपा ने मामला उठाया कि 13वें वित्तायोग ने पंचायत प्रधानों के अलावा जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों को विकास कार्यों हेतु धनराशि उपलब्ध करवाने की शक्तियां दी थी

परंतु 14वें वित्तायोग में पंचायतों को सारी धनराशि दे दी गई। सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क , ऑनलाइन सेवाएं आदि को बजट दिया जाए। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधायकों और कर्मचारियों के लिए आवासों की कमी है। मंत्रियों व अधिकारियों को बैठने के लिए उपयुक्त कमरे तक नहीं है। आंगतुकों को बैठने के लिए भी हॉल की कमी है। इसके लिए भी बजट का प्रावधान करें। 

बरसात से नुकसान की भरपाई के लिए मांगे पांच हजार करोड़

Memorandum given by BJP Congress and CPI (M) to 15th Finance Commission in shimla

 कांग्रेस विधायक दल का प्रतिनिधिमंडल मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में 15वें वित्त आयोग से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने प्रदेश में बरसात से हो रहे नुकसान की भरपाई को केंद्रीय वित्तायोग से 5 हजार करोड़ रुपये मांगे हैं। यह भी मांग की गई कि केंद्रीय करों में हिमाचल का हिस्सा 50 फीसदी किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 14वें वित्तायोग से प्रदेश आर्थिक तौर पर विकास और कल्याण की जरूरतें पूरा करने में सक्षम रहा है और उसमें 232 फीसदी का इजाफा हुआ। केंद्रीय करों को भी 32 से 42 फीसदी किया गया था। प्रदेश के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की। पन बिजली के क्षेत्र में 20 फीसदी आय का स्रोत होने के बावजूद भी आय में कमी आई  है।

प्रदेश पर  47 हजार करोड़ रुपये का कर्जा है। इसे ग्रांट देकर समाप्त किया जाए। 70 राष्ट्रीय उच्च मार्गों के 65 हजार करोड़ रुपये दिए जाएं। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में राज्य के हिस्से की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी है। इससे राज्य को लगभग 25,000 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। राज्य का हिस्सा दिलाया जाए। प्रदेश ने हरे पेड़ों को बचाने की एवज में मदद मांगी है।

सभी केंद्रीय प्रोजेक्टों में 90:10 की  फंडिंग होनी चाहिए।  पंचायतों की तर्ज पर ब्लॉक समिति और जिला परिषदों को भी फंडिंग हो। हवाई अड्डों और रेल को बढ़ावा देने के लिए पुख्ता मदद की जाए। शिमला की पेयजल योजना के लिए एकमुश्त मदद दी जाए। विधानसभा की प्राचीन धरोहर विस्तार के लिए 100 करोड़ की मदद दें। इस दौरान मुकेश के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर, कर्नल धनी राम शांडिल और हर्षवर्धन चौहान शामिल थे। 

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जनसंख्या और क्षेत्रफल आधार पर न हो वित्तीय मदद

Memorandum given by BJP Congress and CPI (M) to 15th Finance Commission in shimla

 मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने 15वें वित्तायोग से हिमाचल को जनसंख्या और क्षेत्रफल आधार पर वित्तीय मदद न देने की मांग की है। मंगलवार को माकपा विधायक राकेश सिंघा, पार्टी के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने हिमाचल की मांगों को लेकर सौंपे मांगपत्र में कहा कि हिमाचल की भूगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से भिन्न है।

पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों में प्रदेश के बंटे होने से क्षेत्रफल बहुत अधिक बनता है। ऐसे में पूर्व निर्धारित नियमों के आधार पर वित्तीय मदद देने से हिमाचल को लाभ नहीं होगा।पार्टी के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने बताया कि 15वें वित्तायोग से मांग की गई कि प्रदेश में बिजली उत्पादित करने वाले उत्पादकों पर दस पैसे प्रति यूनिट सेस लगाया जाना चाहिए।

बीबीएमबी मामले में अभी तक प्रदेश को उसका हिस्सा नहीं मिला है। वित्तायोग को इस हिस्से को दिलाने में सहयोग करना चाहिए। जंगल नहीं काटने के फैसले की एवज में प्रदेश में एक हजार करोड़ का मुआवजा दिया जाए। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तीन हजार करोड़ की मदद देनी चाहिए। रूट स्टॉक के लिए ढाई करोड़, फूड प्रोसेसिंग और सीए स्टोर के लिए तीन हजार करोड़ की आर्थिक मदद मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक कर्मचारी हैं। ऐसे में वित्तायोग को साल 2020 से 2025 तक के लिए पुरानी पेंशन योजना के तहत भी प्रदेश को आर्थिक मदद करनी चाहिए। उन्होंने आपदा प्रबंधन की राहत राशि को भी बढ़ाने की मांग की। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारी संजय चौहान और कुलदीप तंवर भी मौजूद रहे।

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