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Shimla News: वेतन कम होने से चमियाना नहीं आ रहे चिकित्सा विशेषज्ञ, तीन पद खाली
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बैठक में मुख्यमंत्री से उठा चुके मुद्दा, वेतन बढ़ोतरी की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी के छह पद लंबे समय से खाली हैं। कम वेतनमान के कारण यहां योग्य डॉक्टर आने के लिए तैयार नहीं हैं।
सरकारी सेवा में मिलने वाला वेतन निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम है। यही वजह है कि बड़े शहरों और निजी संस्थानों में कार्यरत अनुभवी डॉक्टर शिमला आकर सेवा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अटल संस्थान जैसे उच्च स्तरीय अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी जैसे विभागों को विशेषज्ञों का इंतजार हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इस समस्या को लेकर सरकार को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
स्वास्थ्य सचिव एम सुधा और चमियाना अस्पताल के प्रिंसिपल बृज शर्मा ने बैठक में मुख्यमंत्री को निजी अस्पतालों में ज्यादा वेतन मिलने के कारण डॉक्टरों के न आने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सुक्खू से वेतन बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना है कि जब तक सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रतिस्पर्धात्मक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक पदों को भरना कठिन होगा।
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स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार हुआ आधुनिक संस्थान डॉक्टरों की कमी के कारण पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा। मरीजों को इलाज के लिए फिर से आईजीएमसी या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक बोझ और यात्रा की असुविधा बढ़ रही है। एमएस चमियाना सुधीर शर्मा ने बताया कि जल्दी ही डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी के छह पद लंबे समय से खाली हैं। कम वेतनमान के कारण यहां योग्य डॉक्टर आने के लिए तैयार नहीं हैं।
सरकारी सेवा में मिलने वाला वेतन निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम है। यही वजह है कि बड़े शहरों और निजी संस्थानों में कार्यरत अनुभवी डॉक्टर शिमला आकर सेवा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अटल संस्थान जैसे उच्च स्तरीय अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी जैसे विभागों को विशेषज्ञों का इंतजार हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इस समस्या को लेकर सरकार को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
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स्वास्थ्य सचिव एम सुधा और चमियाना अस्पताल के प्रिंसिपल बृज शर्मा ने बैठक में मुख्यमंत्री को निजी अस्पतालों में ज्यादा वेतन मिलने के कारण डॉक्टरों के न आने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सुक्खू से वेतन बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना है कि जब तक सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रतिस्पर्धात्मक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक पदों को भरना कठिन होगा।
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स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार हुआ आधुनिक संस्थान डॉक्टरों की कमी के कारण पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा। मरीजों को इलाज के लिए फिर से आईजीएमसी या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक बोझ और यात्रा की असुविधा बढ़ रही है। एमएस चमियाना सुधीर शर्मा ने बताया कि जल्दी ही डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।