{"_id":"c384259f356ad808573ced33b0d2bd88","slug":"mc-shimla-will-issue-notice-to-propertyt-tax-theft-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले 20 हजार लोगों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रॉपर्टी टैक्स न देने वाले 20 हजार लोगों को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 11 Aug 2015 10:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रापर्टी टैक्स जमा न करने वाले राजधानी शिमला के करीब 20 हजार लोगों को नगर निगम नोटिस जारी करेगा। नोटिस के साथ प्रापर्टी टैक्स का ई-फार्म भी भेजेगा ताकि लोग तुरंत फार्म भरकर जमा करवा सकें। लोगों को टैक्स जमा करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा। मंगलवार से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
नगर निगम एसएमएस के जरिये भी लोगों को प्रापर्टी टैक्स के बिल जारी होने की सूचना देगा। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त पंकज राय ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। इस दौरान निगम सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक और संयुक्त आयुक्त (विधि) जोगेंद्र चौहान मौजूद रहे। आयुक्त पंकज राय ने बताया कि अभी तक नगर निगम ने यूनिट एरिया मेथड पर प्रापर्टी टैक्स के 16 हजार बिल जारी किए हैं।
विज्ञापन
लोगों की सुविधा के लिए टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख तीन बार बढ़ाई गई है। नगर निगम ने लोगों को टैक्स जमा करने का अब अंतिम मौका दिया है। लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक वार्ड में नोडल ऑफिसर की तैनाती की है ताकि लोग अपनी शंकाएं दूर कर सकें। इसके अतिरिक्त फार्म भरने में मदद करने के लिए वार्ड स्तर पर इंस्पेक्टरों की भी तैनाती की है।
विज्ञापन
प्रापर्टी टैक्स का ई फार्म भरकर जमा करवाने के बाद लोगों को एसएमएस से बिल जारी होने की सूचना दी जाएगी। निर्धारित समय के भीतर प्रापर्टी टैक्स जमा करने पर छूट की जानकारी भी मेसेज के माध्यम से मिलेगी। टैक्स जमा हो जाने के बाद भी नगर निगम मेसेज भेज कर उपभोक्ताओं को अपडेट करेगा। निर्धारित समय के भीतर प्रापर्टी टैक्स जमा न करने वालों को एक फीसदी प्रतिमाह की दर से पेनल्टी लगेगी।
टैक्स जमा न करने वालों को दस हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। इतना ही ऐसे मामलों में एक्ट के अनुसार टैक्स असेस्मेंट भी नगर निगम अपने स्तर पर करेगा। एमसी ने कार्रवाई को लेकर तैयारियां कर ली हैं। नगर निगम नोटिस के साथ हर घर तक प्रापर्टी टैक्स का फार्म (ई फार्म) पहुंचाएगा।
इसके बावजूद यदि किसी व्यक्ति को फार्म नहीं मिलता तो नगर निगम की वेबसाइट से फार्म डाउनलोड किया जा सकता है। इतना ही नहीं नगर निगम के सेक्रेटरी टैक्स कार्यालय में भी लोगों को फार्म उपलब्ध करवाए जाएंगे।