शिमला में कुत्ता पालना हुआ महंगा, पंजीकरण फीस में तीन गुना बढ़ोतरी
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राजधानी में पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। यही नहीं, यह पंजीकरण अब पहले से मंहगा पड़ेगा। लोगों को 50 की जगह अब दो सौ रुपये शुल्क चुकाना होगा। महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में बुधवार को हुए विशेष सदन में नए नियमों को मंजूरी दी गई।
जनमंच कार्यक्रम के दौरान शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने इस बारे में नगर निगम प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए थे। निगम ने अब इन पर काम करते हुए नए नियम लागू कर दिए हैं।
शहरवासियों को वीपीएचओ कार्यालय में जाकर पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद निगम एक टोकन जारी करेगा जिससे कुत्ते की पहचान हो सकेगी। भविष्य में इस टोकन में चिप लगाने की भी योजना है ताकि कुत्ते के मालिक की पूरी जानकारी तुरंत मिल सके।
सदन के दौरान उपमहापौर राकेश शर्मा ने कहा कि पंजीकरण शुल्क बेहद कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। इस पर बाकी पार्षदों की सहमति के बाद शुल्क 200 रुपये कर दिया गया। इस दौरान पार्षद आनंद कौशल ने आवारा कुत्तों के आतंक का भी मामला उठाया।