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राजधानी शिमला के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में हुए अहम फैसले

Thu, 23 Jun 2016 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 23 Jun 2016 10:34 AM IST
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mc shimla handle the water supply system in city

राजधानी शिमला में पानी की सप्लाई और सीवरेज प्रबंधन का पूरा जिम्मा सरकार ने अब नगर निगम को सौंप दिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। पानी और सीवरेज व्यवस्था के लिए ‘ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एंड सीवरेज सर्कल’ के गठन का भी फैसला लिया गया है।

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नई व्यवस्था की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय कमेटी भी बनाई जाएगी। नगर निगम की मांग पर प्रदेश सरकार ने शहर में पानी की आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन से संबंधित सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधीक्षण अभियंता (आईपीएच) के अधीन ‘ग्रेटर शिमला वाटर सप्लाई एंड सीवरेज सर्कल’ के गठन का फैसला लिया।
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नई व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए टेक्निकल मॉनीटरिंग ग्रुप (टीएमजी) के गठन का भी निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव के अधीन बनाए गए टीएमजी ग्रुप में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सचिव को बतौर सदस्य सचिव शामिल किया
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जाएगा। दस अन्य सदस्यों को भी ग्रुप में शामिल किया जाएगा। आईपीएच का स्टाफ अधीक्षण अभियंता (आईपीएच) और उनका आवश्यक स्टाफ नगर निगम के तहत काम करेंगे।

पानी, सीवरेज व्यवस्था में सुधार को एमसी आईपीएच को देगा 52 करोड़

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नगर निगम की वित्त संविदा एवं योजना समिति (एफसीपीसी) की बैठक में शहर में पानी की सप्लाई और सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए आईपीएच को 52 करोड़ रुपये देने का फैसला लिया गया। अमृत मिशन के तहत नगर निगम को मिले बजट में से पहली किश्त के रूप में 20 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। निगम महापौर संजय चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया।

शहर को पानी की सप्लाई करने वाली योजनाओं की खस्ताहाल पाइप लाइन में सुधार पर यह पैसा खर्च होता। इसके अलावा शहर में लोगों के कनेक्शनों में पानी के मीटर लगाने और बल्क मीटर लगाने का काम भी इस पैसे से किया जाएगा। पंप हाउस के सुधार पर भी पैसा खर्च करने का निर्णय लिया गया है। शहर में वार्ड स्तर पर पानी के नए टैंक बनाने का काम भी आईपीएच को सौंपने का फैसला लिया गया है।

छोटा शिमला बस स्टॉप पर बनेगा आधुनिक रेन शेल्टर

छोटा शिमला में सचिवालय के पास नगर निगम ने आधुनिक रेन शेल्टर बनाने का फैसला लिया है। नगर निगम की एफसीपीसी की बैठक में 7 लाख 50 हजार रुपये की लागत से रेन शेल्टर बनाने का निर्णय लिया गया। उधर नगर निगम के छोटा शिमला से पार्षद

सुरेंद्र चौहान ने बताया कि आधुनिक रेन शेल्टर का डिजाइन खुद मुख्यमंत्री ने अप्रूव किया है। जुलाई माह के पहले हफ्ते में रेन शेल्टर स्थापित कर दिया जाएगा। नगर निगम ने सचिवालय के पास रेन शेल्टर की जगह ई-टायलेट का निर्माण किया है, जिसके बाद लोगों की सुविधा के लिए नए सिरे से रेन शेल्टर बनाने की योजना बनाई गई है।

सरकार और नगर निगम के बीच होगा एमओयू

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पानी की आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था नगर निगम को सौंपने को लेकर प्रदेश सरकार और नगर निगम के बीच एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडर स्टेंडिंग) साइन होगा। विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने पिछले दिनों शिमला यात्रा के दौरान इसे लेकर अपनी सहमति जताई

थी। आईपीएच और नगर निगम के बीच स्थापित होने वाली ‘रिंग फेंसड ’डब्ल्यूएसएस सेवाओं के लिए नगर निगम और आईपीएच के बीच समझौता एमओयू का प्रारूप तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।

सर्कल के होंगे दो डिविजन
1 - जल उत्पादन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट
2 - जल वितरण एवं सीवरेज नेटवर्क

वाटर क्वालिटी मॉनीटरिंग हेल्थ ऑफिसर के जिम्मे
नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को पानी की गुणवत्ता और निगरानी का जिम्मा सौंपा जाएगा। इसके अलावा पानी की जांच की लैब का नियंत्रण भी आईपीएच की ओर से नगर निगम को सौंप दिया जाएगा।

 

सरकार का सराहनीय कदम

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टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम

शहर की सरकार के पक्ष में प्रदेश की सरकार का यह पहला कदम है। नगर निगम इसका स्वागत करता है। पानी और सीवरेज ही नहीं शहर के शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य संस्थान और पर्यटन सहित सभी संबंधित महकमे नगर निगम को सौंपे जाने चाहिए। -टिकेंद्र पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम शिमला

शहर में लगेंगे 20 मंकी एंड डॉग प्रूफ डस्टबिन
नगर निगम ने शहर में करीब छह लाख की लागत से 20 मंकी एंड डॉग प्रूफ डस्टबिन लगाने का फैसला लिया है। इन डस्टबिन की खासियत यह होगी कि कुत्ते और बंदर डस्टबिन का कूड़ा बाहर नहीं फैला पाएंगे। नगर निगम को इस कार्य के लिए शिमला वाइल्ड लाइफ डिविजन से छह लाख रुपये मिले हैं।

सेंट थॉमस स्कूल के नीचे येलो लाइन पार्किंग
राम बाजार के लोगों के आग्रह पर नगर निगम सेंट थॉमस स्कूल के नीचे कमांड से राम बाजार जाने वाली सड़क पर 4 वाहनों के लिए येलो लाइन पार्किंग चिन्हित की जाएगी। येलो लाइन पार्किंग के एवज में नगर निगम पूर्व निर्धारित पार्किंग फीस वसूलेगा।

सड़क से ऊपर एक और मंजिल बढ़ा सकेंगे लोग

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अंतरिम विकास योजना के तहत अब शिमलावासी सड़क से ऊपर भी मंजिल बना सकेंगे। वैली व्यू को बचाने के लिए सरकार ने पहले सड़क से ऊपर मंजिल बनाने पर प्रतिबंध लगाया था। सड़क से ऊपर केवल डेढ़ मीटर तक मंजिल की ऊंचाई मान्य थी। मंत्रिमंडल की बैठक में अगस्त, 2015 के नियमों को संशोधन कर इसे मंजूरी प्रदान की है।

यह राशि सिर्फ शिमला वासियों के लिए होगी। शहर में ऐसे सैकड़ों भवन मालिक है, जिन्हें इसकी मार पड़ रही थी। इन लोगों ने वैली के साथ जमीनें खरीद रखी थी लेकिन उन्हें सड़क से ऊपर मंजिल न बनाए जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। ऐसे में भवन मालिक मंजिलें नहीं बढ़ा सकते थे।

सड़क से ऊपर मंजिल बढ़ाने के लिए शहरवासी लगातार प्रदेश सरकार से मांग उठा रहे थे। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने लोगों को आश्वासन भी दिए थे। बुधवार को प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंजूरी दी है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का कहना है कि इस फैसले से शिमला में एक हजार से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।

केंद्र बजट दे तो निकायों को देंगे वित्तीय मदद: वीरभद्र

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मुख्यमंत्री ने संजौली के समीप ढली संजौली बाईपास पर चलौंठी में जिला परिषद भवन की आधारिशला रखी। बारह करोड़ के इस भवन निर्माण के लिए उन्होंने एक साल की समय अवधि तय की। उन्होंने मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तीन शिफ्ट में भवन के निर्माण कार्य को हर हाल में जून 2017 तक पूरा करें।

मुख्यमंत्री ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की वित्तीय शक्तियां को बढ़ाने और उसे बरकरार रखे जाने की मांग के जवाब में कहा कि जिला परिषदों तथा पंचायत समितियों को पर्याप्त बजट प्रावधान करने के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से बार बार लिखित में आग्रह किया है।

इस संबंध में कें द्र सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि यदि केंद्र सरकार की ओर से कोई धनराशि उपलब्ध नहीं करवाई जाती तो राज्य सरकार निश्चित रूप से इन निकायों को अपने संसाधनों से वित्तीय सहायता मुहैया करवाने की व्यवस्था करेगी।

मौके पर ही निपटाईं समस्याएं

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उन्होंने कहा कि केंद्र से भी इस मामले को उठाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने जन प्रतिनिधियों की आम जनता से उठाई गई समस्याओं को भी सुना और कुछ को दूर करने के लिए मौके पर ही संबंधित विभागों को दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर जिला परिषद शिमला चेयरमैन धर्मिला हरनोट और वाइस चेयरमैन सुरेंद्र रेटका सहित अन्य जन प्रतिनिधियों और जिला परिषद सदस्यों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा, विधायक कसुम्पटी अनिरुद्ध सिंह, रोहड़ू विधायक मोहन लाल बराक्टा, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष केहर सिंह खाची, राज्य विपणन कृषि बोर्ड के अध्यक्ष सुभाष मंगलेट, बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष

कुमारी सोनी, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा,  पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, औद्योगिक विकास निगम के सदस्य पीके शर्मा, पंचायती राज के विशेष सचिव अभिषेक जैन, उपायुक्त रोहन ठाकुर, जिला परिषद के सदस्य, नगर निगम पार्षद सुशांत कपरेट, महिला कल्याण बोर्ड सदस्य कविता कंवर मौजूद रहे।

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