आखिरी मौका, अब तो जवाब दीजिए डीजीपी साहब!
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शिमला के नवबहार में सरकारी भूमि पर कब्जा करने के मामले में घिरे हिमाचल के पूर्व डीजीपी डीएस मन्हास ने वीरवार को सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर के कोर्ट में जवाब दायर नहीं किया। कोर्ट ने मन्हास को 11 अगस्त तक जवाब देने का आखिरी मौका दिया है।
इस अवधि तक भी अगर पूर्व डीजीपी ने जवाब नहीं दिया तो कोर्ट बिना पक्ष सुने आगामी कार्रवाई करेगा। 5 अगस्त को इस मामले की सुनवाई के दौरान नगर निगम ने पूर्व डीजीपी के आवेदन को नकारते हुए सेटलमेंट कलेक्टर कोर्ट और अपने मामले को अलग-अलग बताया था।
निगम का यह जवाब आने के बाद कोर्ट ने मन्हास से 7 अगस्त तक अपना पक्ष रखने को कहा था लेकिन उन्होंने जवाब दायर नहीं किया।
डीजीपी ने राजस्व रिकॉर्ड पर उठाए थे सवाल
इससे पूर्व हुई सुनवाई में पूर्व डीजीपी ने राजस्व रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सहायक आयुक्त कोर्ट से सेटलमेंट कलेक्टर के आदेश आने तक इस मामले को स्थगित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
पूर्व डीजीपी का कहना है कि जब उन्होंने नवबहार में मकान बनाया था, उस समय नायब तहसीलदार सेटलमेंट ने उन्हें उनके भवन के पास सरकारी भूमि नहीं होने का प्रमाणपत्र दिया था। लेकिन अब नए राजस्व रिकॉर्ड में उनके भवन के कुछ हिस्से को सरकारी भूमि पर दिखाया जा रहा है।
इस बाबत उन्होंने सेटलमेंट कलेक्टर के कोर्ट में केस किया है। जब तक कलेक्टर कोर्ट से जवाब नहीं आ जाता, तब तक मामले को स्थगित किया जाए।