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नगर निगम चुनाव: ये रहे भाजपा की हार के मुख्य कारण

Tue, 29 Mar 2016 10:21 AM IST
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Tue, 29 Mar 2016 10:21 AM IST
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 MC dharmashala election, main reasons for BJP defeat in elections.
नगर निगम धर्मशाला के पहले चुनाव में स्थानीय नेताओं को दरकिनार करना भाजपा के लिए महंगा पड़ गया। - फोटो : अमर उजाला

नगर निगम धर्मशाला के पहले चुनाव में स्थानीय नेताओं को दरकिनार करना भाजपा के लिए महंगा पड़ गया। कांग्रेस के धर्मशाला के विधायक एवं मंत्री सुधीर शर्मा की तरह भाजपा के रणनीतिकारों का पूर्व मंत्री एवं स्थानीय नेता किशन कपूर पर भरोसा न जताना भी बड़ी भूल साबित हुआ। भाजपा ने धर्मशाला में पूर्व मंत्री किशन कपूर को चुनाव प्रचार का चेहरा नहीं बनाया।

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कपूर भाजपा की बैठकों में शामिल तो हो रहे थे लेकिन उन्हें प्रचार और रणनीति में पूरी तरह नहीं उतारा गया। धूमल सरकार में कपूर के मंत्री रहते भाजपा ने निवर्तमान नगर परिषद धर्मशाला में 11 में से 7 सीटें जीत कर अपना परचम लहराया था। लेकिन, नगर निगम में पुराना भरोसा आगे बरकरार नहीं रहा।
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शाहपुर की विधायक सरवीण चौधरी, देहरा से रविंद्र रवि और परागपुर से विक्रम ठाकुर चुनाव प्रचार में नहीं लाए गए। पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा, राकेश पठानिया और रमेश धवाला भी चुनावी मैदान में कहीं नहीं दिखे। जबकि, जिले के बाहर के बड़े नेताओं से जनसभाएं और बैठकें करवाई गईं।

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ये बड़े नेता भी नहीं लुभा पाए वोटर

 MC dharmashala election, main reasons for BJP defeat in elections.
हिमाचल भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की अपील वोटरों को नहीं लुभा पाई।

चुनाव प्रचार में हिमाचल भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की अपील वोटरों को नहीं लुभा पाई। प्रदेश और बाहर के बड़े नेताओं पर चुनाव का पूरा जिम्मा छोड़ देने से भाजपा की झोली में 17 में से सिर्फ तीन सीटें आईं।

नगर निगम की चुनावी रणनीति की कमान संभालने वाले भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं चंबा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी विपिन परमार, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा और जिला कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के संगठन महामंत्री संजय ठाकुर की मेहनत पार्टी के काम नहीं आई।

हार की वजह यह भी रही कि पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को लेकर कई नेता एकमत भी नहीं थे। जबकि, कई वार्डों में भाजपा को मजबूत उम्मीदवार नहीं मिले। 17 सीटों में से एक ही समुदाय के सात प्रत्याशियों को टिकट देने का दांव भी भाजपा का सही नहीं पड़ा।

कांग्रेस की नीतियों की जीत: वीरभद्र
शिमला। नगर निगम धर्मशाला में कांग्रेस की जीत पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के दो दिग्गज नेताओं धूमल और शांता कुमार ने धर्मशाला में कैंपेन किया। यहां भाजपा को तीन सीटें मिलीं और कांग्रेस को 14 मिलीं। ये कांग्रेस सरकार की विकास की नीतियों की जीत है।

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