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Shimal News: बजट पर सुझाव दिए बिना अंडमान निकोबार की सैर पर चले एमसी के पार्षद
Sun, 16 Feb 2025 11:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
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Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 11:03 AM IST
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नगर निगम शिमला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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नगर निगम के 28 पार्षद सोमवार को उप महापौर उमा कौशल की अगुवाई में अंडमान निकोबार की सैर पर रवाना होंगे। दौरे पर जा रहे अधिकतर पार्षदों ने अभी नगर निगम के बजट पर मांगे सुझाव नहीं दिए हैं। सात दिन के इस दौरे पर इनके साथ नगर निगम के विधि अधिकारी, महापौर के निजी सचिव और सामान्य शाखा के एक कर्मचारी भी रवाना हो रहे हैं।महापौर सुरेंद्र चौहान इस दौरे पर नहीं आएंगे। वह शहर में रहेंगे और निर्माण कार्यों का जायजा लेंगे। इनके अलावा नौ पार्षद भी इस दौरे पर नहीं जा रहे हैं।
निजी कारणों से इन पार्षदों ने दौरे से किनारा किया है। वहीं दौरे पर जा रहे पार्षद सोमवार शाम करीब 3:00 बजे वोल्वो बस में आईएसबीटी से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इसके बाद फ्लाइट से अंडमान निकोबार पहुंचेंगे। निगम प्रशासन का दावा है कि इस एक्सपोजर विजिट में पार्षदों को कई नई चीजें सीखने को मिलेंगी। कांग्रेस शासित नगर निगम का दो साल में यह पहला दौरा है। हालांकि अंडमान निकोबार का पिछले भाजपा शासित नगर निगम के पार्षदों ने दौरा किया था। तब इसका शिमला शहर को कोई फायदा नहीं हुआ। इस बार भी लाखों रुपये खर्च कर बनाए इस दौरे से शहर को कोई फायदा होगा या नहीं, इसका आने वाले दिनों में पता लगेगा। पहले भी पार्षद इस तरह के भ्रमण पर जाते रहे हैं।
इसी माह पेश होगा बजट
नगर निगम का वार्षिक बजट इसी माह के अंत में पेश होना है। महापौर ने इसके लिए सभी पार्षदों से सुझाव देने को कहा था। पूछा था कि अगले एक साल में पार्षद अपने वार्डों में कौन-कौन कार्यों को प्राथमिकता देना चाहते हैं। शहर की जनता को सुविधा देने के लिए नए प्रस्ताव भी मांगें गए थे। लेकिन अभी तक 15 पार्षदों के लिखित सुझाव भी महापौर कार्यालय नहीं पहुंचे हैं। ज्यादातर पार्षद सुझाव दिए बिना ही दौरे पर रवाना हो रहे हैं। ये सभी 24 को शिमला लौटेंगे। तब तक निगम का बजट लगभग तैयार हो जाएगा।
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निजी कारणों से इन पार्षदों ने दौरे से किनारा किया है। वहीं दौरे पर जा रहे पार्षद सोमवार शाम करीब 3:00 बजे वोल्वो बस में आईएसबीटी से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इसके बाद फ्लाइट से अंडमान निकोबार पहुंचेंगे। निगम प्रशासन का दावा है कि इस एक्सपोजर विजिट में पार्षदों को कई नई चीजें सीखने को मिलेंगी। कांग्रेस शासित नगर निगम का दो साल में यह पहला दौरा है। हालांकि अंडमान निकोबार का पिछले भाजपा शासित नगर निगम के पार्षदों ने दौरा किया था। तब इसका शिमला शहर को कोई फायदा नहीं हुआ। इस बार भी लाखों रुपये खर्च कर बनाए इस दौरे से शहर को कोई फायदा होगा या नहीं, इसका आने वाले दिनों में पता लगेगा। पहले भी पार्षद इस तरह के भ्रमण पर जाते रहे हैं।
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इसी माह पेश होगा बजट
नगर निगम का वार्षिक बजट इसी माह के अंत में पेश होना है। महापौर ने इसके लिए सभी पार्षदों से सुझाव देने को कहा था। पूछा था कि अगले एक साल में पार्षद अपने वार्डों में कौन-कौन कार्यों को प्राथमिकता देना चाहते हैं। शहर की जनता को सुविधा देने के लिए नए प्रस्ताव भी मांगें गए थे। लेकिन अभी तक 15 पार्षदों के लिखित सुझाव भी महापौर कार्यालय नहीं पहुंचे हैं। ज्यादातर पार्षद सुझाव दिए बिना ही दौरे पर रवाना हो रहे हैं। ये सभी 24 को शिमला लौटेंगे। तब तक निगम का बजट लगभग तैयार हो जाएगा।
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पहले बना था दो दिन का दौरा पार्षदों ने कर दिया था इन्कार
नगर निगम पार्षदों के लिए पेयजल कंपनी ने कुछ दिन पहले कोलकाता का दो दिन का दौरा तैयार किया था। इस दौरे का खर्च सुएज इंडिया कंपनी ने उठाना था। लेकिन कुछ पार्षदों को दो दिन का दौरा पसंद नहीं आया। ऐसे में इसे रद्द किया गया। कंपनी को गोवा या मुंबई का दौरा बनाने को कहा गया था। कई दिन बाद भी जब इस पर कोई प्रस्ताव नहीं आया तो निगम ने अपने फंड से ही अंडमान और निकोबार का दौरा तैयार कर लिया।
नगर निगम पार्षदों के लिए पेयजल कंपनी ने कुछ दिन पहले कोलकाता का दो दिन का दौरा तैयार किया था। इस दौरे का खर्च सुएज इंडिया कंपनी ने उठाना था। लेकिन कुछ पार्षदों को दो दिन का दौरा पसंद नहीं आया। ऐसे में इसे रद्द किया गया। कंपनी को गोवा या मुंबई का दौरा बनाने को कहा गया था। कई दिन बाद भी जब इस पर कोई प्रस्ताव नहीं आया तो निगम ने अपने फंड से ही अंडमान और निकोबार का दौरा तैयार कर लिया।