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जिस काम के लिए चुना था वही भूल गए पार्षद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 30 Apr 2014 09:17 AM IST
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शहर की जनता ने जिन पार्षदों को चुनकर नगर निगम सदन में भेजा है, वह खुद समय के पाबंद नहीं हैं। मंगलवार को सदन की बैठक में सिर्फ छह पार्षद समय पर पहुंचे। बाकी देरी से सदन पहुंचे जिससे कई मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हो पाई।
बैठक दोपहर ढाई बजे होनी थी लेकिन पार्षदों के इंतजार में दस मिनट देरी से बैठक शुरू हुई। बैठक शुरू होने के एक घंटे तक पार्षदों का सदन में आना जारी रहा। बैठक में पहुंचने वाली सबसे पहली मनोनीत पार्षद अर्चना धवन थी। अर्चना 2:28 बजे पर हाउस में आ गई।
बैठक में सबसे लेट कांग्रेस पार्षद प्रवीण कुमार पहुंचे। यह 3:25 बजे बैठक में पहुंचे। इनके पहुंचने के करीब पंद्रह मिनट बाद शोर शराबे के चलते सदन स्थगित हो गया। टिकेंद्र पंवर ढाई बजे सदन में पहुंचे।
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वहीं, नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह, सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उमेश कुमार भारती समय से पहले सदन में पहुंचे।
ज्वाइंट कमिश्नर लीगल जोगिंद्र चौहान, निगम अभियंता विजय गुप्ता, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता विशेषवर शर्मा भी तय समय से लेट आए। वास्तुक योजनाकार केएस चौहान करीब आधे घंटे बाद सदन में पहुंचे। इसको लेकर तो बैठक में हंगामा भी खूब हुआ। उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने केएस चौहान को देरी से आने पर फटकार भी लगाई।
बैठक में गरमाए ये मुद्दे
देवनगर में सीढ़ियां तोड़ने और लालपानी में रेलिंग तोड़ने के मामलों को लेकर मंगलवार को नगर निगम सदन में खूब हंगामा हुआ। एक कर्मचारी नेता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए।
विवाद बढ़ने पर उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा अगर पार्षद रजनी सिंह नगर निगम से रेलिंग तोड़ने के मामले में माफी मांगती है तो सदर पुलिस थाना में दर्ज केस को वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
सदन में भवन निर्माण के लिए नक्शे पास करवाने की प्रक्रिया को लेकर पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्षद संजय परमार, सुशांत कपरेट, अनूप वैद, सुरेंद्र चौहान, मनोज कुठियाला, नरेंद्र ठाकुर और शशि शेखर ने कहा नगर निगम में नक्शा पास करवाना गले की फांस बन गया है।
नक्शे पास करने की जटिल प्रक्रिया के चलते लोग परेशान हो रहे हैं। नक्शों में बार-बार आपत्तियां लगाकर लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन की इस लापरवाही के चलते लोग पार्षदों को शिकायत करते हैं। अगर पार्षद संबंधित शाखा से मामला उठाए तो नक्शे का और लंबित कर दिया जाता है।
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बैठक दोपहर ढाई बजे होनी थी लेकिन पार्षदों के इंतजार में दस मिनट देरी से बैठक शुरू हुई। बैठक शुरू होने के एक घंटे तक पार्षदों का सदन में आना जारी रहा। बैठक में पहुंचने वाली सबसे पहली मनोनीत पार्षद अर्चना धवन थी। अर्चना 2:28 बजे पर हाउस में आ गई।
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बैठक में सबसे लेट कांग्रेस पार्षद प्रवीण कुमार पहुंचे। यह 3:25 बजे बैठक में पहुंचे। इनके पहुंचने के करीब पंद्रह मिनट बाद शोर शराबे के चलते सदन स्थगित हो गया। टिकेंद्र पंवर ढाई बजे सदन में पहुंचे।
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वहीं, नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह, सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उमेश कुमार भारती समय से पहले सदन में पहुंचे।
ज्वाइंट कमिश्नर लीगल जोगिंद्र चौहान, निगम अभियंता विजय गुप्ता, बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता विशेषवर शर्मा भी तय समय से लेट आए। वास्तुक योजनाकार केएस चौहान करीब आधे घंटे बाद सदन में पहुंचे। इसको लेकर तो बैठक में हंगामा भी खूब हुआ। उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने केएस चौहान को देरी से आने पर फटकार भी लगाई।
बैठक में गरमाए ये मुद्दे
देवनगर में सीढ़ियां तोड़ने और लालपानी में रेलिंग तोड़ने के मामलों को लेकर मंगलवार को नगर निगम सदन में खूब हंगामा हुआ। एक कर्मचारी नेता को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए।
विवाद बढ़ने पर उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा अगर पार्षद रजनी सिंह नगर निगम से रेलिंग तोड़ने के मामले में माफी मांगती है तो सदर पुलिस थाना में दर्ज केस को वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
सदन में भवन निर्माण के लिए नक्शे पास करवाने की प्रक्रिया को लेकर पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्षद संजय परमार, सुशांत कपरेट, अनूप वैद, सुरेंद्र चौहान, मनोज कुठियाला, नरेंद्र ठाकुर और शशि शेखर ने कहा नगर निगम में नक्शा पास करवाना गले की फांस बन गया है।
नक्शे पास करने की जटिल प्रक्रिया के चलते लोग परेशान हो रहे हैं। नक्शों में बार-बार आपत्तियां लगाकर लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन की इस लापरवाही के चलते लोग पार्षदों को शिकायत करते हैं। अगर पार्षद संबंधित शाखा से मामला उठाए तो नक्शे का और लंबित कर दिया जाता है।