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मैथ-साइंस के हौव्वे ने बिगाड़े स्कूलों के नतीजे
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 05 Aug 2015 11:33 AM IST
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सरकारी स्कूलों में दसवीं और जमा दो कक्षा का रिजल्ट कम होने का कारण गणित और साइंस बताया गया है। राजधानी के पोर्टमोर स्कूल में एससीईआरटी सोलन की ओर से शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के स्कूलों में कम परीक्षा परिणाम आने पर चर्चा की गई।
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तीन जिलों में 240 से अधिक स्कूलों का साल 2015 में 50 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूलों में शिक्षकों की कमी को भी रिजल्ट कम आने का कारण बताया गया। बैठक में शिक्षा में गुणवत्ता लाने, पढ़ाने के तरीके बदलने सहित कई अन्य बिंदुओं पर चर्चा हुई।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कम रिजल्ट आने पर स्कूल प्रिंसिपलों की क्लास लगाई। उन्होंने कहा सरकार स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए काफी बजट दे रही है, बावजूद रिजल्ट कम आना चिंतनीय है। कम रिजल्ट लाने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्या कार्रवाई की जाएगी, इसका उन्होंने खुलासा नहीं किया। बैठक में स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरएमएसए, एसएसए घनश्याम चंद, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. बीएल विंटा सहित एसईआरटी सोलन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अन्य जिलों की जल्द होगी बैठक- मंगलवार को सिर्फ शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों की बैठक हुई। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। 31 जुलाई को ही ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले स्कूल खुले हैं। ऐसे में इनका रिजल्ट का डाटा अभी तक तैयार नहीं हुआ है। एक सप्ताह के भीतर इन स्कूलों को डाटा अपडेट करने के निर्देश हुए हैं।
निजी स्कूलों के रिजल्ट से होगी तुलना- शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के अलावा निजी स्कूलों का रिजल्ट भी तलब किया है। दोनों रिजल्ट आने के बाद विभाग इसकी तुलना करेगा। सरकारी स्कूलों की कमियों को सूचीबद्ध कर आगामी योजना तैयार की जाएगी।
किस जिले में कितने स्कूल- शिमला 105, सिरमौर 105, सोलन 30