बच्चों के लिए अब दिलचस्प होंगे मैथ-साइंस
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के दिमाग से मैथ और साइंस का हौव्वा खत्म करने की तैयारी पूरी हो गई है। राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के तहत मैथ और साइंस को दिलचस्प सब्जेक्ट बनाया जाएगा। भावी वैज्ञानिकों की नई पौध तैयार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने बीते जुलाई महीने में राष्ट्रीय अविष्कार अभियान शुरू किया था।
इसी अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों से तीन-तीन स्कूलों को मॉडल बनाया जाएगा। इस अभियान में एनआईटी हमीरपुर और आईआईटी मंडी को नोडल इंस्टीट्यूट बनाया गया है। इन दोनों उच्च अध्ययन संस्थानों की मदद से बच्चों में मैथ और साइंस के लिए दिलचस्पी बढ़ाई जाएगी।
सर्व शिक्षा अभियान, डाइट और शिक्षा विभाग के सहयोग से यह अभियान चलाया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद ने बताया कि यह अभियान स्कूली बच्चों में नई सोच पैदा करेगा। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों से अपील की है कि संबंधित जिलों में स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों का भी इस अभियान में सहयोग लिया जाए।
किस जिले से किस स्कूल का चयन
बिलासपुर- डंगार, बलग का घाट, नम्होल
चंबा- सिहुंता, राजेरा, कांडला
हमीरपुर- हमीरपुर (छात्र), नादौन (छात्रा), सुजानपुर (छात्र)
कांगड़ा- धर्मशाला, बड्सर, दाड़ी
किन्नौर- रिकांगपिओ, कननुम, सांगला
कुल्लू- कटरेन, नेरी, कियास
लाहौल स्पीति- काजा, केलांग, उदयपुर
मंडी- सुंदरनगर (छात्र), रंधाडा, कटहलग
शिमला- लक्कड़ बाजार, पोर्टमोर, कसुम्पटी
सिरमौर- कोलर, नाहन (छात्रा), बिरला
सोलन- शमरोर, ममलीग, सोलन (छात्रा)
ऊना- लमलेहरी, कांगर और धुंधला
डाइट करेगा अभियान की मॉनीटरिंग
अभियान को स्कूलों में चलाने का जिम्मा डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (डाइट) का होगा। स्कूल के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, एसएमसी के साथ बैठकें की जाएंगी। महीने में चार बार स्कूल का निरीक्षण किया जाएगा।
शिक्षकों के बनेंगे ग्रुप- मैथ, साइंस और टेक्नालॉजी को लेकर बच्चों में उत्सुकता बढ़ाने के लिए चयनित स्कूलों के शिक्षकों के ग्रुप बनाए जाएंगे। व्हाट्सएप, ई-मेल और फेसबुक के जरिये शिक्षक एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा करेंगे। स्कूल स्तर पर बच्चों के क्लब बनाए जाएंगे। आईसीटी लैब को सुदृढ़ किया जाएगा।
अभियान के तहत यह काम होगा
बच्चों को मैथ और साइंस की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए तैयार किया जाएगा। साइंस सिटी, साइंस फेयर और मैथ फेयर में बच्चों को ले जाया जाएगा। साइंस और मैथ से जुड़ी हर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खबर, कार्यक्रम और शोध की नोटिस बोर्ड के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। महान वैज्ञानिकों की बायोग्राफी, उनके अविष्कार सहित भारतीयों की खोज की रोजाना सुबह प्रार्थना सभा में बच्चों द्वारा जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।
स्कूल बच्चों के लिए नेचर कैंप आयोजित किए जाएंगे। छठी से लेकर जमा दो कक्षा तक के बच्चों के लिए साइंस लैब और आईसीटी लैब खुली रहेगी। कक्षाओं में प्रोजेक्टर लगाए जाएंगे। ई-कंटेंट के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सामाजिक बुराइयों और सफाई के प्रति बच्चों को जागरूक किया जाएगा।