खराब मौसम के कारण लाहौल नहीं पहुंचा शहीद तेंजिन का शव
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खराब मौसम और बारिश के कारण शहीद सैनिक तेंजिन का पार्थिव शरीर शुक्रवार को मयाड़ स्थित उनके पैतृक गांव करपट नहीं पहुंच पाया। सेना के हेलीकॉप्टर ने पठानकोट एयरबेस से दो बार लाहौल के लिए उड़ान भरी, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर को वापस लौटना पड़ा।
अब शहीद के पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से लाहौल लाया जा रहा है। सेना से मिली जानकारी के मुताबिक शहीद तेंजिन का पार्थिव शरीर लेकर सेना का वाहन दोपहर करीब साढ़े बारह बजे पठानकोट से लाहौल के लिए रवाना हुआ है।
इधर, शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए करपट स्थित घर में लोगों का तांता लगा हुआ है। शहीद की पार्थिव देह लेकर लाहौल आ रहे नायब सूबेदार प्रेम चंद ने बताया कि शव को पहले सेना के हेलीकॉप्टर से लाहौल लाया जा रहा था।
लेकिन खराब मौसम और बारिश के कारण हेलीकॉटर को दो बार हिमाचल सीमा से वापस पठानकोट एयरबेस लौटना पड़ा। अब पार्थिव देह को सड़क मार्ग से लाहौल लाया जा रहा है।
पठानकोट से करपट के दूरी करीब एक हजार किलोमीटर हे। अब शनिवार को शहीद सैनिक के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार होगा।
डेढ़ किमी पैदल चलकर घर पहुंचाई जाएगी पार्थिव देह
कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए सैनिक तेंजिन का करपट गांव सड़क मार्ग से कटा हुआ है। तीन दिन पहले गांव में आई बाढ़ झूला पुल को बहा ले गई है। करीब एक किलोमीटर सड़क का हिस्सा पानी में डूब गया है।
लिहाजा, गांव के लिए सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। ऐसे में शहीद की पार्थिव देह घर तक पहुंचाने को पगडंडियों से होकर पैदल पहुंचना होगा। बाढ़ के खौफ से लोग अभी भी गांव के ठीक ऊपर बने शेड में रात गुजारने को मजबूर हैं।
शहीद के चाचा रमेश ने बताया कि पिछली बार तेंजिन 21 मई को घर आया था। फसलों की बिजाई करने के बाद 21 जून को फिर वापस कश्मीर रवाना हो गए। कुछ रोज पहले ही तेंजिन का फोन आया था। कह रहा था कि जल्द छुट्टी लेकर घर आएगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
तीन दिन से भूखे-प्यासे हैं शहीद के परिजन
श्रीनगर के शोपियां में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए करपट गांव के तेेंजिन छुलटिम के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन पिछले तीन दिन से भूखे-प्यासे हैं। मां तेंजिन आंगमो ने पानी की एक बूंद तक नहीं पी है। शहीद के दादा अंगरूप, दादी शरभ डोलमा तेंजिन लाडले के इंतजार में हैं।
भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय सहित जिप चेयरमैन रमेश रूअलवा, जिप सदस्य सुदर्शन जस्पा, तंजिन कारपा, लाहौल पंचायत प्रधान संघ अध्यक्ष सतप्रकाश भी शहीद के परिजनों से मिलने करपट गांव पहुंचे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार की तरफ से अभी तक कोई भी शहीद के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचा है। वहीं, उपायुक्त देवा सिंह नेगी भी करपट नाले में आई बाढ़ का जायजा लेने पुल तक तो गए, लेकिन शहीद के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।