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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Marriage, birth and death certificates will be available online in rural areas

Himachal: ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन मिलेंगे विवाह, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र

Fri, 11 Oct 2024 10:29 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 11 Oct 2024 10:29 AM IST
सार

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब लोगों को विवाह, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन मिलेंगे।

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Marriage, birth and death certificates will be available online in rural areas
हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब लोगों को विवाह, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन मिलेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। यह व्यवस्था अभी शहरी क्षेत्रों में ही है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी शुरू होगी।  सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है। राज्य में अभी तक 43,161 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

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प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नवोन्मेषी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिशन की ओर से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विक्रय के लिए 93 हिम ईरा दुकानें उपलब्ध करवाई गई हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में इनमें 1.4 करोड़ रुपये के उत्पाद बेचे गए हैं। एसआरएलएम की ओर से 80 सप्ताहिक बाजारों यानी वीक मार्केट भी लगाए जाते हैं, जिनमें वित्त वर्ष 2023-24 में 1.2 करोड़ रुपये के उत्पाद बेचे गए हैं। 
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कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और उन्हें बेहतरीन विपणन अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सशक्त प्रयास किए जा रहे हैं। इस बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव ग्रामीण विकास राजेश शर्मा, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनआरएलएम शिवम प्रताप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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प्रदेश में 32 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों का निर्माण
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मनरेगा के तहत वित्त वर्ष 2023-24 में 275 लाख श्रम दिवस अर्जित करने के लक्ष्य के मुकाबले 344.31 लाख श्रम दिवस अर्जित किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में 300 लाख श्रम दिवस अर्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से अभी तक 214.51 लाख श्रम दिवस अर्जित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 17,582 गांव खुले में शौच मुक्त प्लस मॉडल बनाए जाएंगे। अभी तक 9203 गांव खुले में  शौच मुक्त प्लस मॉडल घोषित  किए जा चुके हैं, जबकि 2347 गांव खुले में शौच मुक्त प्लस श्रेणी में हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास खंडों में 32 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों का निर्माण किया जा चुका है और 26 को कार्यशील कर दिया गया है। ऐसी इकाइयां सभी विकास खंडों में निर्मित की जा जाएंगी।

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