मणिमहेश यात्राः पवित्र डल झील में ये रहेगा बड़ा शाही न्हौण का शुभ मुहूर्त
पवित्र मणिमहेश यात्रा के तहत राधाष्टमी का बड़ा शाही न्हौण का शुभ मुहूर्त रविवार दोपहर 3:55 से आरंभ होकर सोमवार शाम 5:45 बजे तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में भोले के हजारों भक्त समुद्रतल से 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित डल झील में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
प्रशासनिक तौर पर छोटे शाही न्हौण से ही पवित्र मणिमहेश यात्रा का आगाज होता है और 15 दिन बाद राधाष्टमी पर बड़ा शाही न्हौण होता है। बड़े न्हौण के साथ ही श्रद्धालु घरों को लौटना शुरू करेंगे। आधिकारिक रूप से भी बड़े शाही न्हौण के साथ 17 सितंबर को यात्रा संपन्न हो जाएगी।
रविवार दोपहर बाद संचूई गांव के चेले, हडसर का पुजारी, दशनामी अखाड़ा भरमौर की छड़ी और चरपटनाथ की छड़ी पवित्र डल झील पर पहुंचेगी। सभी पवित्र डल की तीन मर्तबा परिक्रमा करेंगे और डल के पास स्थापित
चतुर्थमुखी शिवलिंग के पास चेलों के बैठने के लिए बनाए गए स्थान पर बैठकर शिव भक्तों को आशीर्वाद देंगे। इन चेलों की अगुवाई कार्तिक स्वामी का चेला करेगा। वहीं, संचूई गांव के चेलों द्वारा पवित्र डल को पार किया जाएगा।
शाही स्नान के शुभ मुहूर्त पर होते हैं मणि के दर्शन
डल तोड़ने की प्रथा को पूर्ण करने के बाद एक छोर से पवित्र डल के बीचोंबीच होकर दूसरे छोर पर पहुंचने वाले चेलों को शिव भक्त कंधों पर उठाकर लाते हैं। मान्यता है कि डल तोड़ बाहर निकलने वाले चेलों को जो भी व्यक्ति पहले पहुंच कर कंधों पर उठाता है उस पर शिव शंकर की विशेष कृपा बनी रहती है।
चेलों के डल को पार करने के बाद बड़े शाही स्नान की पर्वी आरंभ हो जाएगी। पवित्र मणिमहेश के दौरान होने वाले शाही स्नान के शुभ मुहूर्त के मौके पर पवित्र कैलाश पर भोले के भक्तों को चौथे पहर टिमटिमाते हुए मणि के दर्शन होने की मान्यता है।
इसी के चलते अधिकाधिक भोले के भक्त शाही स्नान की रात पवित्र डल में रुककर रात भर भजन-कीर्तन करते हैं। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर आने वाले हरेक श्रद्धालु को मणि के दर्शन नहीं होते।