जन्माष्टमी पर छोटे शाही स्नान के साथ मणिमहेश यात्रा का आगाज, 25 हजार ने लगाई आस्था की डुबकी
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जन्माष्टमी पर्व पर मणिमहेश डल झील में पवित्र छोटे शाही स्नान के संपन्न होते ही शनिवार को यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया। शाही स्नान में उमड़े 25 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
जन्माष्टमी मुहूर्त शुक्रवार सुबह 8.09 बजे से शनिवार सुबह 8.32 तक रहा। इससे पूर्व शिव के गुरों ने विधिवत रूप से छोटे शाही स्नान का आगाज किया। जिसके बाद शनिवार सुबह तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव के जयघोष करते छोटे शाही स्नान के लिए उमड़े।
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वहीं, जन्माष्टमी स्नान के चलते शनिवार को छोटे स्नान की समाप्ति पर मूसलाधार बारिश के चलते इस बार उम्मीद से कम भीड़ देखने को मिली। बारिश के कारण भरमौर हाईवे जगह-जगह बंद हुआ। ऐसे में कई यात्री जन्माष्टमी स्नान पर नहीं पहुंच पाए।
वहीं, जन्माष्टमी स्नान के अवसर पर हेली टैक्सी सेवा भी शुरू नहीं हो पाई। हालांकि, आगामी दिनों में मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
अनुमति न मिलने से लटकी हेली टैक्सी सेवा
प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यात्रा के लिए 13 दिन का शेड्यूल जारी किया है। जन्माष्टमी स्नान से शुरू हुई यात्रा छह सितंबर को राधाष्टमी के शाही स्नान के साथ संपन्न होगी। उल्लेखनीय है कि शुभारंभ से पूर्व ही हजारों की तादाद में श्रद्धालु मणिमहेश की यात्रा कर चुके हैं।
मणिमहेश यात्रा को लेकर हर साल चलने वाली हेली टैक्सी सेवा को इस बार रक्षा मंत्रालय से अनुमति नहीं मिल पाई है। पिछले पांच दिनों से श्रद्धालु हेली टैक्सी सेवा शुरू होने के इंतजार में है।
आकर्षक स्थलाें पर सेल्फी बन सकती है खतरा
मणिमहेश यात्रा मार्ग पर कई मनोहारी स्थान हैं जो खड्ड किनारे हैं। यहां श्रद्धालु सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया है कि यात्रा के दौरान वे मणिमहेश यात्रा के विभिन्न पड़ावों में आने वाली खड्डों से दूर रहें।
एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने कहा कि शनिवार से मणिमहेश यात्रा अधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। प्रशासन अब राधाष्टमी स्नान को लेकर तैयारियां कर रहा है। हेली टैक्सी सेवा की अनुमति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राधाष्टमी का शाही स्नान छह सितंबर को होगा।