कांग्रेस की मुसीबतें नहीं हो रही कम, सैम पित्रोदा के बाद अब मणिशंकर बने मुसीबत
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हिमाचल में मतदान से पहले सैम पित्रोदा के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर का बयान कांग्रेस के लिए मुसीबत बन गया है। भले ही ये दोनों कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में नहीं हैं, परंतु लोकसभा चुनाव से पहले पित्रोदा और अब अय्यर के बयानों से कांग्रेस में खलबली मची हुई है।
हिमाचल के धर्मशाला में अखिल भारतीय बुद्धिजीवी विभाग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने वर्ष 1984 के सिख दंगों पर बयान दिया कि ‘जो हुआ सो हुआ’। इसके बाद पंजाब सहित सिख समुदाय अपनी नाराजगी जताने के लिए सड़कों पर उतर गया है।
पित्रोदा इस बयान के बाद माफी मांगने की बात भी कह चुके हैं। पित्रोदा शिमला में बुद्धिजीवी विभाग के पदाधिकारियों की बैठक लेने शिमला भी पहुंचे थे। इसके बाद शिमला के सिख पित्रोदा का घेराव करने पहुंचे, जहां वह ठहरे हुए थे।
अपना विरोध दर्ज करने के लिए होटल के बाहर पित्रोदा के खिलाफ गो बैक के नारे भी लगाए गए। हालांकि सैम पित्रोदा पूर्व सूचना मिलने के बाद ही होटल से चुपचाप दिल्ली खिसक गए थे।
पित्रोदा का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर शिमला आ धमके। अय्यर का यह दौरा निजी बताया गया था, क्योंकि वह पंजाब सर्किट हाउस में ठहरे थे। अय्यर प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में बुद्धिजीवी विभाग की बैठक भी लेना चाहते थे। यह बैठक होती, इससे पहले ही पूर्व मंत्री मणिशंकर ने नीच आदमी के बयान को लेकर मीडिया में बयानबाजी करके कांग्रेस में खलबली मचा दी।
इसके बाद प्रदेश कांग्रेस नेताओं को लगा कि मणिशंकर अय्यर कुछ देर और शिमला में रह गए तो कांग्रेस के लिए लोकसभा चुनाव में संकट पैदा कर देंगे। हालांकि, एआईसीसी ने मणिशंकर को साफ शब्दों में कह रखा है कि वह लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया में कोई बयान नहीं देंगे।
इसके बाद भी अय्यर ने न केवल मीडिया में बयानबाजी की, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री भी कर डाली। इतना ही नहीं, मीडिया कर्मियों के माइक तक धकेल दिए गए और मीडिया कर्मियों को अपशब्द तक कहे। देखना यह है कि सैम पित्रोदा और मणिशंकर के इन शो से कांग्रेस की चुनाव वैतरणी कितनी पार लगेगी।