होटलों में अब तय किराए पर नहीं लगेगा लग्जरी टैक्स
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प्रदेश के होटलों में तय किराये पर लग्जरी टैक्स नहीं वसूला जाएगा। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार आबकारी एवं कराधान विभाग के नियमों में बड़े फेरबदल करने जा रही है।
नियमों में संशोधन करने के लिए इन बिलों को विधानसभा में पेश किया जाएगा। संशोधन के तहत होटलों के कमरों में जो रेट वसूला जाएगा, उस पर ही लग्जरी टैक्स वसूला जाएगा।
लग्जरी टैक्स को 10 फीसदी तय करना संभावित है। लग्जरी टैक्स का दायरा भी बढ़ा दिया है। इसमें होटलों के अलावा अब रेस्तरां, हाउस बोट, बार, टेंट, मैरिज पैलेस, लॉन और गार्डन को भी शामिल किया गया है।
मंत्री बोले, विभाग ने तैयार किया मसौदा
लग्जरी टैक्स के संशोधन में विभाग ने टैक्स लगाने के फार्मूले को बदल दिया है। पहले विभाग की ओर से तय रेटों पर ही होटलियरों को लग्जरी टैक्स अदा करना होता था, लेकिन अब पर्यटन विभाग की ओर से तय और वास्तव में वसूली गई राशि में से जो भी अधिक होगा, उस पर दस फीसदी टैक्स लिया जाएगा। इसके अलावा पैसेंजर एंड गुड्स एक्ट की सेक्शन चार ए में भी संशोधन होगा।
इसके तहत आयुक्त आबकारी एवं कराधान की शक्तियों का विकेंद्रीयकरण किया जाएगा। जिलों में तैनात सहायक आयुक्तों को शक्तियां सौंपी जाएंगी। बताया जा रहा है कि पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स परिवहन विभाग को मिलेगा। पहले यह आबकारी एवं कराधान विभाग वसूलता आया है।
सीजीसीआर एक्ट में भी संशोधन किया जाना है। प्रकाश चौधरी, आबकारी एवं कराधान विभाग मंत्री ने बताया कि विधानसभा में विभाग के तीन बिल पेश होंगे। लग्जरी टैक्स, पीजीटी और सीजीसीआर टैक्स में संशोधन किया जाना है। विभाग ने मसौदा तैयार कर लिया है।