बिना मॉक पोल के वोट डिलीट किए शुरू किया मतदान, मतदान कर्मी निलंबित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस दौरान उनसे एक और बड़ी गलती यह हो गई कि मॉक पोल के अलावा भी उन्होंने अतिरिक्त वोट डिलीट कर दिए। हालांकि मतदान की आनलाइन निगरानी के दौरान उनकी यह गड़बड़ी वरिष्ठ अधिकारियों ने पकड़ ली। जिसके बाद तीनों ही मतदान केंद्रों की पोलिंग पार्टियों को बदल दिया गया। साथ ही सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए।
कुल्लू में बीडीओ ऑफिस में बनाए गए पोलिंग बूथ में पोलिंग ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों ने मॉक पोल को हटाए बिना ही पोलिंग शुरू कर दी। जिससे 50 मॉक पोल भी इसमें एड हो गए। पोलिंग शुरू होने का सुबह समय सात बजे का था। लेकिन पहले तो ईवीएम आधे घंटे तक नहीं चली। साढ़े सात बजे जब ईवीएम चली तो ईवीएम में मॉक पोल को हटाए बिना ही पोलिंग शुरू कर दी गई।
बाद में जब ऑब्जर्वर ने मतदान की संख्या चेक की तो इस गलती का पता चला। इसी तरह, नालागढ़ विधानसभा-51 के तहत कश्मीरपुर मतदान केंद्र में मतदान कर्मियों ने पहले 50 मॉक पोल डाल दिए। इसके बाद 36 सामान्य वोट भी पड़वा दिए। लेकिन इसके बाद उन्होंने मॉक पोल डिलीट न करने की गलती पकड़ में आने पर कर्मियों ने खुद ही सभी 86 वोट डिलीट कर दिए। दोपहर दो बजे सेक्टर अफसर ने निरीक्षण के दौरान यह गलती पकड़ ली।
वहीं, सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के चौक पोलिंग स्टेशन पर भी मतदान कर्मियों ने ऐसी ही गलती कर दी। कर्मियों ने मॉक पोल के अलावा चार वोट अतिरिक्त डाल दिए और इसके बाद इन सभी 54 वोटों को डिलीट कर दिया। हालांकि यहां भी अधिकारियों ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया। तीनों ही मामलों में संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार को इसकी रिपोर्ट भेज दी। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तीनों ही मतदान केंद्रों की पोलिंग पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।