तिहाड़ पहुंचाने वालों का गुणगान कर रहे सुखराम: सत्ती
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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा है कि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री पंडित सुखराम को आज वही कांग्रेस पार्टी पसंद आ रही है, जिसने उन्हें तिहाड़ जेल पहुंचाया था। पंडित सुखराम कई बार कांग्रेस छोड़ चुके हैं और उसके बाद वापस कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा कुछ परिवारों की नहीं है बल्कि देश के सपने पूरे करने के लिए बनी है। जहां तक अनिल शर्मा का प्रश्न है, वह पार्टी के वरिष्ठ मंत्री हैं। उनकी पारिवारिक दुविधा समझ में आती है। ऐसे में उन्हें खुद निर्णय लेना होगा।
सत्ती ने गुरुवार को शिमला के आशियाना में पत्रकार वार्ता में कहा कि अनिल शर्मा कह चुके हैं कि पार्टी जहां भी उनकी ड्यूटी लगाएगी, वह वहां जाने और प्रचार करने को तैयार हैं। मंडी में भाजपा पहले से मजबूत है।
पूर्व सांसद सुरेश चंदेल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चंदेल से भी पार्टी नेताओं की बात हुई है। चंदेल को मालूम होगा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके पुतले तक फूंके हैं।
कांग्रेस की यह स्थिति है कि उसको दूरबीन लगाकर भाजपा में उम्मीदवारों की तलाश करनी पड़ रही है। प्रदेश में भाजपा एकजुट है, जबकि कांग्रेस नेता चुनाव लड़ने से बच रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी टिकट के लिए आवेदन किया था, उनके नाम पर चर्चा तक नहीं हो रही है। टिकट के लिए ऐसे नेताओं की चर्चा हो रही है, जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया है।
भाजपा प्रदेश में करेगी 400 छोटी-बड़ी जनसभाएं
सत्ती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से कर्ज माफी को लेकर राहुल गांधी की फोटो वाले फार्म जबरन भरवाकर गुमराह किया जा रहा है। इन फार्मों पर लोगों के फोन और अकाउंट नंबर भी दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गगरेट में ऐसे मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज हुई है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर लोगों को चुनाव के समय बरगलाने और झूठ बोलने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत्ती ने कहा कि हिमाचल के चारों संसदीय क्षेत्रों में केंद्रीय नेताओं की दो-दो बड़ी रैलियां की जाएंगी। अप्रैल के अंत तक प्रदेश में 400 छोटी-बड़ी जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश के सभी 256 जिला परिषदों में सम्मेलन भी करने जा रही है। इन सम्मेलन को ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल तक अलग-अलग मोर्चों के 210 सम्मेलन समाप्त हो जाएंगे।