बुजुर्ग मतदाताओं का संदेश: अपणा वोट-अपनी सरकार, वोट जरूर पान्यो
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‘अपणा वोट-अपनी सरकार, ...वोट जरूर पान्यो।’ कुछ इस प्रकार के संदेश के साथ बुजुर्ग मतदाताओं ने सभी से वोट करने की अपील की है। जिला निर्वाचन विभाग कांगड़ा ने जिले के 100 साल से अधिक आयु वाले मतदाताओं की ‘लोकतंत्र के प्रकाश स्तंभ’ शीर्षक से एक पुस्तिका प्रकाशित की है।
इसमें 100 साल से अधिक आयु के 74 मतदाताओं के नाम-पते के साथ फोटो और संदेश प्रकाशित किए गए हैं। कब पहली बार मतदान किया, इसका भी जिक्र है। कांगड़ा के 15 हलकों में 100 साल से अधिक आयु के मतदाता सबसे ज्यादा जवाली विधानसभा क्षेत्र में हैं।
जवाली में दस बुजुर्ग मतदाता हैं, जिनकी आयु 100 से पार हैं। सबसे अधिक आयु में जसवां-परागपुर के 108 वर्ष के संसार सिंह बुजुर्ग मतदाता हैं। उधर, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार ने कहा कि वरिष्ठ मतदाताओं की पुस्तिका प्रकाशित की गई है। यह बुजुर्ग लोकतंत्र के प्रकाश स्तंभ बनकर युवा मतदाताओं को प्रेरित करते रहेंगे।
100 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की सूची
नूरपुर हलके में जसवंती देवी (100), सोहन सिंह (104), रामलाल (104), कालो देवी (104), प्रीतम कौर (104), अमी चंद (104), रामशरण (101), इंदौरा में गुज्जरु राम (102), विद्या देवी (102), मंगल सिंह (101), दुर्गी देवी (103), सीता राम (101), फतेहपुर में मनु राम (100), गरीब दास (103), शांति देवी (101), ब्रह्मी देवी (101), बंतो देवी (101), चंबो देवी (100), भुट्टी देवी (100), बीरू राम (106), जवाली में शीला देवी (100), सरन राम (100), निक्की देवी (104), भेकडी राम (100), प्रीतो देवी (100), अमरती देवी (102), केसरी देवी (101), लाल सिंह (101), साहब सिंह (100), गणेशु राम(100), देहरा में मंझो देवी (103), संतो देवी (104), राणु राम (106), मिलखी राम (102), बंतो देवी (104), अमर सिंह (102), किशनी देवी (104), जसवां-परागपुर में विशनी देवी (107), रोशन लाल (100), प्रतापो देवी (104), लक्ष्मी देवी (102), गंगा देवी (102), संसार सिंह (108), ज्वालामुखी में सोमा देवी (101), किशन चंद (105), चिड़ी देवी (101), राम देई (102), भगत राम (100), सूंकी देवी (101), जयसिंहपुर में जोंफी राम (102), रंचो देवी (105), चंचलो देवी (100), होशियार सिंह (106), दलीप सिंह (101), घटारू राम (103), जयवंती देवी (104), सुलह में सुती देवी (104), कपली देवी (102), अजमतु देवी (102), नगरोटा बगवां में दिहरी देवी (100), बख्तावर बीबी (100), चमारू राम (108), फूलां देवी (101), कांगड़ा में गीता देवी (102), सरस्वती देवी (101), गोरखु राम (101), शाहपुर में जट्ट राम (102), धर्मशाला में मठरू देवी (101), धनी देवी (100), पालमपुर में सीती राम (100), सिकरो देवी (102), बैजनाथ में जोंडा राम (102) और हरनाम सिंह (102) शामिल हैं।