हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में भाजपा-कांग्रेस विधायकों पर लीड का दबाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावी समर सज चुका है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रचार को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों ही दलों के विधायकों के अपने हलकों से लीड पर पार्टियों सहित मतदाताओं की नजर टिकी है।
बिलासपुर से लेकर हमीरपुर होते ही ऊना और कांगड़ा जिला के देहरा तक फैले हमीरपुर संसदीय हलके में भाजपा के पास तीन मंत्रियों समेत सात विधायक हैं। वहीं कांग्रेस अपने छह विधायकों के दम पर चुनावी समर में कूद चुकी है।
यहां से तीन बार सांसद रहे भाजपा के अनुराग ठाकुर की जीत को लेकर जहां पार्टी के तीन कैबिनेट स्तर के मंत्रियों पर लीड का दबाव है वहीं सात भाजपा विधायक भी कसौटी पर हैं।
ऊना के कुटलैहड़ से पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर, मंडी जिला के धर्मपुर से महेंद्र सिंह ठाकुर तथा जसवां परागपुर से उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर की लीड पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
इसके अलावा गगरेट, चिंतपूर्णी, हमीरपुर सदर, भोरंज समेत बिलासपुर जिला के झंडूता, घुमारवीं व बिलासपुर सदर में भाजपा के विधायक हैं। उन पर पार्टी को लीड दिलाने का दबाव रहेगा। देहरा सीट पर आजाद उम्मीदवार होशियार सिंह विधायक हैं।
दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर की जीत को लेकर पूरे हलके में छह कांग्रेस विधायकों पर पूरा दारोमदार टिका है। कांग्रेस के लिए हरोली से पार्टी दिग्गज नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर लीड का दबाव रहेगा, जबकि ऊना जिला के सदर से पहली बार कांग्रेस की टिकट पर विजयी हुए सतपाल रायजादा पर भी लीड को लेकर दबाव कम नहीं है। इसके अलावा हमीरपुर जिले के नादौन से पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू पर भी पार्टी की नजर टिकी है।
हमीरपुर में नादौन के अलावा सुजानपुर से पूर्व सीएम प्रो. धूमल को हराने वाले राजेंद्र राणा कांग्रेस के बड़े क्षत्रपों में शामिल हैं। जबकि बड़सर में भी कांग्रेस विधायक होने के नाते यहां से कांग्रेस को लीड की उम्मीद है। दूसरी ओर बिलासपुर की कुल चार सीटों में से स्वयं चुनाव लड़ रहे ठाकुर रामलाल नयना देवी विस से विजयी हुए हैं। यहां झंडूता, घुमारवीं तथा सदर बिलासपुर में भाजपा काबिज है। कुल मिलाकर दोनों ही पार्टियों में लीड को लेकर जोर आजमाइश अपने चरम पर है।