{"_id":"5c9f717fbdec22764d26f288","slug":"lok-sabha-election-2019-himachal-bjp-statement-over-virbhadra-and-pandit-sukhram","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंडित सुखराम के धोखे को वीरभद्र क्या भूल चुके: भाजपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंडित सुखराम के धोखे को वीरभद्र क्या भूल चुके: भाजपा
Sat, 30 Mar 2019 07:09 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 30 Mar 2019 07:09 PM IST
विज्ञापन
BJP Logo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा और मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह और पंडित सुखराम का तथाकथित मिलन राजनीतिक अवसरवादिता का निकृष्टतम उदाहरण है।
विज्ञापन
पूर्व में एक-दूसरे के खिलाफ विषवमन करने वाले नेताओं की कथनी और करनी का अंतर प्रदेश की युवा पीढ़ी को स्पष्ट नजर आ रहा है। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और स्वार्थ की इस राजनीति का हमेशा के लिए अंत कर देगी।
विज्ञापन
कहा कि वर्ष 1996 में पंडित सुखराम के दिल्ली और मंडी स्थित घर से करोड़ों रुपये सीबीआई ने बरामद किए थे। उस समय पंडित सुखराम ने इसे वीरभद्र सिंह की साजिश करार दिया था।
विज्ञापन
पुत्र और पोते के मोह के लिए यह नेता अब जनता की आंख में धूल झोंकने के लिए गले मिल रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि वीरभद्र सिंह को सत्ता से बेदखल करने के लिए पंडित सुखराम ने वर्ष 1998 में हिविकां बनाई।
पंडित सुखराम की ओर से दिए गए धोखे को वीरभद्र सिंह क्या भूल चुके हैं? इसी तरह गत विधानसभा चुनाव के दौरान पंडित सुखराम के परिवार ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से किए जा रहे अपमान को मुख्य कारण बताया था।
भाजपा नेताओं ने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए आया राम गया राम की राजनीति का यह चुनाव पूर्णतया खात्मा करके एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।