मंडलायुक्त करेंगे कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल नामांकन मामले की जांच
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कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल के नामांकन के दौरान 29 अप्रैल को रिटर्निंग अफसर के कार्यालय तक डेढ़ दर्जन कांग्रेसियों के पहुंचने के मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी कांगड़ा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी और उस परिसर की सुरक्षा में तैनात डीएसपी के बयानों के अध्ययन के बाद मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने मंडलायुक्त कांगड़ा को मामले की जांच सौंप दी है। मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर अब आयोग प्रकरण से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई करेगा।
बता दें कि 29 अप्रैल को कांगड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी काजल ने गाजे-बाजे के साथ नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के दौरान उनके साथ तय नियम के अनुसार पांच के बजाय करीब डेढ़ दर्जन नेता रिटर्निंग अफसर के कमरे तक पहुंच गए।
यही नहीं, नेताओं की परिसर में आवभगत भी की गई। यह तब हुआ, जब सौ मीटर पहले ही पुलिस ने नाका लगाया था, ताकि उस परिधि में सिर्फ प्रत्याशी और पांच अन्य लोग ही दाखिल हो सकें।
मीडिया में खबरें प्रकाशित होने, सोशल मीडिया में इससे संबंधित वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद इसकी जानकारी मुख्य निर्वाचन दफ्तर को मिली। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी कांगड़ा ने मौके पर तैनात डीएसपी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की।
सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में डीएसपी ने मामले में पूरा ठीकरा डीसी और एसडीएम पर ही फोड़ दिया। बयान में डीएसपी ने कहा है कि जब डीईओ ही ओवरऑल इंचार्ज होता है और उनके निर्देश पर एसडीएम खुद नेताओं को अंदर ले जा रहे थे तो उनके रोकने का सवाल ही नहीं उठता।
इस बीच भाजपा ने भी डीसी कांगड़ा को हटाने के लिए चुनाव आयोग से शिकायत कर दी है। इस सारी कवायद के बीच मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने मंडलायुक्त कांगड़ा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।