सत्ता संग्राम 2019: कई कांग्रेसी टिकट कटाने को सक्रिय, कई चुनाव लड़ने से कतरा रहे
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लोक सभा चुनाव के लिए कई नेता कांग्रेस टिकट कटाने के लिए सक्रिय हो गए हैं और कई कांग्रेसी चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं। हाईकमान के समक्ष दुविधा बनी हुई है कि किन दमदार नेताओं को कांग्रेस टिकट देकर चुनावी दंगल में उतारा जाए। भाजपा पहले ही प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों में अपने चारों उम्मीदवार घोषित कर चुकी है परंतु अभी तक कांग्रेस किसी भी सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है।
कांग्रेस का धर्म संकट यही है कि भाजपा प्रत्याशियों के समक्ष कांग्रेस के दमदार नेताओं को चुनावी दंगल में उतारा जाए या फिर कांग्रेस में शामिल किए नेताओं को टिकट देकर चुनाव लड़ाया जाए। कांग्रेस हाईकमान बार-बार स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों को दिल्ली बुला रहा है और अब तक चारों सीटों के किसी भी प्रत्याशी को फाइनल कर नाम घोषित नहीं किया जा सका है।
हमीरपुर सीट से बड़े नेता लोकसभा चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं। मंडी से भी कांग्रेस का कोई दिग्गज नेता चुनाव लड़ने को आगे नहीं आया है। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस को सबसे ज्यादा कसरत करनी पड़ रही है। चंडीगढ़ में भी पिछले दिनों प्रभारी रजनी पाटिल ने कांगड़ा और हमीरपुर संसदीय क्षेत्रों के बड़े नेताओं का मन टटोलने के लिए बुलाया था।
इस दौरान भी कोई बड़ा नेता चुनाव लड़ने को हामी नहीं भर पाया। इतना जरूर है कि कुछ नेता दोनों सीटों से दूसरे नेताओं को दमदार बताकर चुनावी दंगल में झोंकने की बात जरूर कह चुके हैं। दूसरे नेता को उतारने के लिए ब्राह्मण, राजपूत और गद्दी नेताओं के वोट बैंक का हवाला तक दिया गया।
मंडी और कांगड़ा संसदीय सीट से भी कोई कद्दावर नेता चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हो रहा। शिमला संसदीय सीट से कर्नल धनी राम शांडिल ने चुनाव लड़ने के लिए दम भरा है परंतु उनके खिलाफ पार्टी के नेता ही मोर्चा खोलकर उनका रास्ता रोकने का प्रयास कर रहे हैं।