खेमों में बंटी कांग्रेस में सुखराम की एंट्री का यहां हुआ विरोध
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मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस के टिकट पर सस्पेंस बरकरार है। लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम के पार्टी में शामिल होने के बाद से कयासबाजी जोरों पर है। पार्टी में एक धड़ा सुखराम की एंट्री को सकारात्मक मान रहा है तो दूसरे धड़े से विरोध हो रहा है।
गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में पंडित सुखराम और वीरभद्र सिंह की दिल्ली में मुलाकात को लेकर खासी चर्चा रही। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक महासम्मेलन में मंडी पहुंचे ठाकुर कौल सिंह ने बातचीत में कहा कि कांग्रेस 124 साल पुरानी पार्टी है।
कई लोग जाते हैं और कई लोग आते हैं। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह व पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम में 36 का आंकड़ा रहा है। लेकिन राजनीति में दुश्मनी व मित्रता स्थायी नहीं होती। उम्मीद है कि दोनों में अच्छी मित्रता होगी। दोनों गले भी मिलेंगे और कांग्रेस पार्टी के लिए मिलकर काम भी करेंगे।
कांग्रेस लीगल सेल में उठे विरोध के स्वर
उन्होंने आश्रय शर्मा के कांग्रेस में शामिल होने का स्वागत किया। जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि वीरभद्र और सुखराम के मुलाकात के परिणाम सकारात्मक होंगे।
टिकट आवंटन को लेकर सुंदरनगर कांग्रेस लीगल सेल की आपातकालीन बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सुंदरनगर कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष पंडित अरुण प्रकाश आर्य ने की। बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर में आपत्ति जताते हुए हाईकमान को पार्टी के किसी कर्मठ कार्यकर्ता या पदाधिकारी को टिकट देने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव एडवोकेट ललित चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को परिवारवाद से बाहर निकल कर फैसला लेना चाहिए। जनता भी परिवारवाद की राजनीति से दुखी हो चुकी है और कुछ परिवारों ने प्रदेश में राजनीति को अपनी विरासत समझ रखा है।