डेढ़ साल में इतनी बढ़ी कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल की संपत्ति
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कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल ने सोमवार को धर्मशाला में नामांकन दाखिल किया। पवन काजल की ओर से निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए हलफनामे के मुताबिक पिछले डेढ़ साल में विधायक पवन काजल की चल और अचल संपत्ति में लगभग 29 लाख रुपये का इजाफा हुआ है।
काजल की पत्नी के पास भी डेढ़ साल में 1,67,206 रुपये बढ़े हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दिए नामांकन पत्र के ब्यौरे में काजल के पास कुल 1,48,90,757 रुपये की चल संपत्ति थी, जो बढ़कर 1,60,78,442 हो गई है।
वहीं, 5,87,00,416 रुपये की अचल संपत्ति बढ़कर 6,04,20,993 रुपये की हो गई है। डेढ़ साल में काजल पर 66,42,582 रुपये की देनदारी बढ़ी है, जो पहले नहीं थी।
इसके अलावा 42,12,363 रुपये का सरकारी लोन है। डेढ़ साल में काजल ने जेसीबी, जीप और एक ट्रैक्टर बेचा है, जिनकी वैल्यू लगभग 26 लाख रुपये थी। कांग्रेस प्रत्याशी पर कोई मामला दर्ज नहीं है।
दाता के नाम पर वोट मांग रही भाजपा: मुकेश
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा हिमाचल में दाता के नाम पर वोट मांग रही है। जिस मोदी को शांता कुमार ने हिमाचल के प्रभारी पद से हटाने की मांग उठाई थी, आज उसी के नाम पर लोगों से वोट लेने पर जुटे हैं। भाजपा बताए- दो सांसदों का टिकट क्यों काटा।
शांता कुमार हमेशा ओबीसी वर्ग के विरोधी रहे हैं। सीयू, सीमेंट प्लांट, रेलवे विस्तार और नेशनल हाईवे के नाम पर लोगों को भाजपा ने गुमराह किया। सिर्फ कर्ज के सहारे जयराम सरकार चल रही है और आने वाले दिनों में 500 से 600 करोड़ रुपये और कर्ज लेने जा रही है।
इस बार प्यार और अहंकार का चुनाव है : काजल
हिमाचल कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि जिला और ब्लॉक कमेटियों के निष्क्रिय पदाधिकारियों को जल्द हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी चुनाव के समय में काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे पदाधिकारियों को हटाया जा रहा है।
कांग्रेस में निष्क्रिय नेताओं को पद पर रहने का सवाल ही नहीं उठता है। नामांकन पत्र भरने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार पवन काजल ने कहा कि कांगड़ा सीट में इस बार एक तरफ प्यार और स्नेह है, दूसरी ओर अहंकार है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी का नाम लिए बगैर उन्हें अहंकारी की संज्ञा दे दी।
उन्होंने कहा कि शांता कुमार बताएं कि पांच साल की सांसद निधि कहां-कहां खर्च की है। सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में ही सांसद निधि लुटा दी है, बाकी 16 हलकों में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है, जिसका जवाब जनता चुनावों में देगी।