भाजपा के खिलाफ फिर मुखर हुए मंत्री अनिल शर्मा, खूब कसे तंज
जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा और भाजपा नेताओं के बीच छिडी जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही। बुधवार को अनिल दोबारा भाजपा के खिलाफ मुखर हुए और खूब तंज कसे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री बाई चांस बनते हैं, लेकिन नेता बनने में समय लगता है। हिमाचल में वीरभद्र सिंह, पंडित सुखराम, शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल ही नेता हैं।
शिमला में अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से अनौपचारिक बात करते अनिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेवजह मंडी संसदीय सीट को प्रतिष्ठा का सवाल बनाया है। आश्रय शर्मा उम्र और अनुभव में सीएम से बहुत छोटे हैं। आश्रय में उन्हें अपने पिता सुखराम के लक्षण दिखाई देते हैं। वह लंबी रेस का घोड़ा बनेगा।
मुख्यमंत्री को भाजपा प्रत्याशी की ढाल नहीं बनना चाहिए
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पिछली बार तो भाजपा ने मोदी के नाम पर मंडी सीट जीती थी। अब सांसद रामस्वरूप शर्मा को आगे करना चाहिए। पांच साल में रामस्वरूप ने जनता के काम किए होंगे, तो वह जीतेंगे।
मुख्यमंत्री को भाजपा प्रत्याशी की ढाल नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंडित सुखराम पर भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने का आरोप गलत है। वह भाजपा सदस्य नहीं बने थे। विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी।
अनिल ने कहा कि विधायकी से निष्कासित करने के बयानों से मैं नहीं डरने वाला। जब हिमाचल विकास कांग्रेस बनाई थी तो उन्हें और महेंद्र सिंह को कांग्रेस ने निष्कासित किया था। फिर भी कांग्रेस के अनअटैच्ड मेंबर रहते हुए हम पांच साल विधायक रहे थे।