Lockdown: हिमाचल के ग्रीन जोन वाले सात जिलों में शुरू हो सकती हैं आर्थिक गतिविधियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के ग्रीन जोन में तीन मई के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकती है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रदेश का पक्ष रख चुके हैं। पीएम से वीडियो कांफ्रेंस पर मुख्यमंत्रियों की बैठक में जयराम ने कहा कि हिमाचल तीन मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने के लिए तैयार है। हालांकि, आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए ग्रीन जोन में रियायतें मिलनी चाहिए। ऐसे में तीन मई के बाद राज्य के सात जिलों में रियायतें मिल सकती हैं। इनमें छह जिले ऐसे हैं जिनमें अब तक कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं आया है।
इसमें शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर शामिल है। वहीं, सोलन जिले में भी अब कोई केस नहीं है। राहत की बात ये भी है कि बीते छह दिन में कोरोना का कोई नहीं मामला नहीं आया है। मुख्यमंत्री जयराम भी इस बात का जिक्र कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के छह जिले ग्रीन जोन में हैं। इन जिलों में एक भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत लॉकडाउन जारी रखने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि राज्यों को आर्थिक गतिविधियां शुरू करने विशेषकर ग्रीन जोन में आने वाले क्षेत्रों में गतिविधियां चलाने की मंजूरी दी जा रही है।
नया मामला नहीं आया तो तीन के बाद कोरोना मुक्त होगा हिमाचल
सीएम ने उम्मीद जताई है कि नया मामला नहीं आया तो तीन मई के बाद हिमाचल कोरोना मुक्त हो जाएगा। प्रदेश में 40 में से अब 10 कोरोना पाजिटिव मरीज हैं। 25 स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। चार व्यक्ति प्रदेश से बाहर इलाज करवा रहे हैं जबकि एक व्यक्ति का देहांत हो चुका है। राज्य में जांच अनुपात 700 प्रति 10 लाख व्यक्ति है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान एक विशेष अभियान है, जिसमें 70 लाख लोगों की इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी जांचने को 16 हजार कर्मचारियों के दल की ओर से जांच की जा चुकी है। इस काम में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पैरा मेडिकल स्टाफ और पुलिस कर्मचारी शामिल हैं।
19 मार्च को आया था पहला केस
प्रदेश में 19 मार्च 2020 को कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था और जिला कांगड़ा में कर्फ्यू लगाया गया था। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रदेश में 24 मार्च को कर्फ्यू लगाया गया। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जा रही है, जिससे लोगों को कर्फ्यू के दौरान किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। हिमाचल में कोरोना वायरस ज्यादा असर नहीं कर पाया है। प्रदेश में यह बीमारी अब तक 40 लोगों को ही अपनी गिरफ्त में ले पाई है। हिमाचल के सीमा क्षेत्रों को सील करने और बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की सख्ती से निगरानी की वजह से इस बीमारी को पांव पसारने से रोका जा सका। हिमाचल में 25 कोरोना संक्रमित ठीक हो गए हैं।
अब अस्पतालों में 10 मरीज उपचारधीन है। अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत ठीक है। कोरोना को मात देकर हिमाचल आगे बढ़ रहा है। 15 दिन पहले ऊना और सोलन में कोरोना के मामले बढ़ने से जहां सरकार की चिंता बढ़ गई थी, वहीं बीते छह दिनों से कोरोना के नए मामले न आने से हिमाचल की जनता ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि हिमाचल में कोई भी कोरोना पॉजिटिव का गंभीर मामला नहीं है। प्रदेश में अब तक 10128 लोगों को निगरानी में रखा था। इनमें 5852 लोगों ने 28 दिन की निगरानी अवधि पूरी कर ली है। प्रदेश में कोरोना को लेकर अब तक 5106 लोगों की जांच की गई। 5022 लोगों की रिपोर्ट अब तक निगेटिव आ चुकी है।