बड़ी कार्रवाई, एक्साइज विभाग ने NH किनारे शराब ठेकों पर जड़े ताले
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राष्ट्रीय राज्यमार्गों के पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले सूबे के 795 शराब के ठेकों पर शनिवार से ताले लग गए। सुप्रीम कोर्ट के 1 अप्रैल से ऐसे ठेकों को बंद करने के निर्देश के बाद प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग ने इन ठेकों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके साथ ही विभाग ने इन ठेकों के बंद होने से होने वाले घाटे से बचने के लिए बचे ठेकों की नीलामी पर फोकस कर ज्यादा राजस्व अर्जित करने की कवायद शुरू कर दी है। दरअसल, साल 2016-17 तक प्रदेश में कुल 1809 शराब बिक्री के लाइसेंस जारी हुए थे। इस दौरान विभाग को करीब 962 करोड़ रुपये बतौर लाइसेंस फीस मिली थी। चूंकि अब करीब 800 ठेके बंद हो रहे हैं, ऐसे में विभाग के पास महज हजार ठेके बच रहे हैं।
पिछले साल लाइसेंस फीस के तौर पर हुई थी 962 करोड़ की आय
विभागीय अधिकारियों की मानें तो नीलामी प्रक्रिया के तहत उन्हें इतने ही ठेकों के लिए ज्यादा राजस्व मिलने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि कोई भी वेंडर लाइसेंस लेने के बाद प्रक्रिया पूरी कर सब वेंड ले सकता है। इससे बंद हुए ठेकों की वजह से शराब बिक्री से राजस्व में होने वाली संभावित कमी को दूर किया जा सकता है। बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने पहले नेशनल हाइवे के 500 मीटर के दायरे में आने वाले सभी शराब ठेकों को बंद करने के आदेश जारी किए थे।
इसके बाद हिमाचल समेत कई प्रदेशों ने आदेशों में कुछ छूट के लिए कोर्ट में दरख्वास्त की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेशों में कुछ बदलाव कर मेघालय और सिक्किम को छूट जरूर दी लेकिन बाकी राज्यों को आबादी के अनुसार ढाई सौ से पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले ठेकों को बंद करने का आदेश जारी किया था।