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Shimla News: आईजीएमसी में साढ़े तीन करोड़ से बनेगी लिफ्ट और रैंप
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हजारों मरीजों को मिलेगी राहत, वार्डों के रास्तों से नहीं करनी पड़ेगी आवाजाही
तीन महीने के अंदर तैयार कर उपलब्ध करवाई जाएगी सुविधा
संक्रमण फैलने का खतरा भी होगा कम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में साढ़े तीन करोड़ रुपये की मदद से लिफ्ट और रैंप की सुविधा मरीजों को दी जाएगी। करीब तीन माह के भीतर यह काम पूरा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस काम को करने के लिए टेंडर हो चुका है। ऐसे में काम शुरू होने के बाद इसी साल मरीजों को यहां पर सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
आईजीएमसी के न्यू ओपीडी जाने के लिए अभी मरीज पुराने भवन के वार्ड से होकर जाते हैं। इस वजह से यहां पर भीड़ रहती है। वहीं विभिन्न मौसमों में फैलने वाले संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। ऐसे में अब आईजीएमसी प्रबंधन ने निजी अस्पतालों की तर्ज पर आवाजाही के लिए अलग से लिफ्ट और रैंप बनाने की कवायद शुरू की है। इसका फायदा यह होगा कि न्यू ओपीडी जाने के लिए मरीजों को वार्डों के रास्तों से पैदल सीढि़यां चलकर नहीं जाना होगा। मरीज प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर बनने वाले लिफ्ट और पैदल चलने वाले रैंप से आसानी से पहुंच सकेंगे। इसका फायदा उन मरीजों को अधिक होगा, जोकि स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर होते हैं। ऐसे में बिना किसी परेशानी के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई के अलावा एक्सरे करवाने के लिए पहुंच सकेंगे।
इनसेट
आर्थों, मेडिसिन और नेफ्रोलॉजी विभाग के मरीज रहते हैं उपचाराधीन
अस्पताल में अभी मरीज जिस रास्ते से होकर न्यू ओपीडी ब्लॉक या फिर श्वास रोग वार्ड के लिए जाते हैं, उस ब्लॉक में मेडिसिन, आर्थों, नेत्ररोग, नेफ्रोलॉजी, स्पेशल वार्ड हैं। ऐसे में यहां पर संक्रमण का खतरा बना रहता है। अगर अलग जगह से आवाजाही होगी तो संक्रमण की जद में आने का चांस नहीं होगा। इसके अलावा वार्ड में भीड़ कम होगी। वहीं दाखिल मरीजों को शोर शराबे से दिक्कतें भी नहीं झेलनी होंगी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
वार्डों में बेवजह भीड़ होगी कम
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने कहा कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में लिफ्ट और रैंप की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे भीड़ भी कम होगी और वार्डों में दाखिल मरीजों को इलाज के लिए शांत माहौल भी मिलेगा।
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तीन महीने के अंदर तैयार कर उपलब्ध करवाई जाएगी सुविधा
संक्रमण फैलने का खतरा भी होगा कम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में साढ़े तीन करोड़ रुपये की मदद से लिफ्ट और रैंप की सुविधा मरीजों को दी जाएगी। करीब तीन माह के भीतर यह काम पूरा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस काम को करने के लिए टेंडर हो चुका है। ऐसे में काम शुरू होने के बाद इसी साल मरीजों को यहां पर सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
आईजीएमसी के न्यू ओपीडी जाने के लिए अभी मरीज पुराने भवन के वार्ड से होकर जाते हैं। इस वजह से यहां पर भीड़ रहती है। वहीं विभिन्न मौसमों में फैलने वाले संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। ऐसे में अब आईजीएमसी प्रबंधन ने निजी अस्पतालों की तर्ज पर आवाजाही के लिए अलग से लिफ्ट और रैंप बनाने की कवायद शुरू की है। इसका फायदा यह होगा कि न्यू ओपीडी जाने के लिए मरीजों को वार्डों के रास्तों से पैदल सीढि़यां चलकर नहीं जाना होगा। मरीज प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर बनने वाले लिफ्ट और पैदल चलने वाले रैंप से आसानी से पहुंच सकेंगे। इसका फायदा उन मरीजों को अधिक होगा, जोकि स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर होते हैं। ऐसे में बिना किसी परेशानी के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई के अलावा एक्सरे करवाने के लिए पहुंच सकेंगे।
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आर्थों, मेडिसिन और नेफ्रोलॉजी विभाग के मरीज रहते हैं उपचाराधीन
अस्पताल में अभी मरीज जिस रास्ते से होकर न्यू ओपीडी ब्लॉक या फिर श्वास रोग वार्ड के लिए जाते हैं, उस ब्लॉक में मेडिसिन, आर्थों, नेत्ररोग, नेफ्रोलॉजी, स्पेशल वार्ड हैं। ऐसे में यहां पर संक्रमण का खतरा बना रहता है। अगर अलग जगह से आवाजाही होगी तो संक्रमण की जद में आने का चांस नहीं होगा। इसके अलावा वार्ड में भीड़ कम होगी। वहीं दाखिल मरीजों को शोर शराबे से दिक्कतें भी नहीं झेलनी होंगी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
वार्डों में बेवजह भीड़ होगी कम
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने कहा कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में लिफ्ट और रैंप की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे भीड़ भी कम होगी और वार्डों में दाखिल मरीजों को इलाज के लिए शांत माहौल भी मिलेगा।