जानिए, कैसे 10 गांव के लोग हो चुके हैं कैद?
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हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर के निचार खंड के दस गांवों के लोग पिछले कई दिनों से अपने ही क्षेत्र में कैद होकर रह गए हैं।
हालात ऐसे हैं कि न ही वह कहीं जा सकते हैं और न ही कोई यहां आने में समर्थ हैं। ऐसे में गांववासियों के लिए अब यह गांव कैदखाने जैसे हो गए हैं।
मामला ग्राम पंचायत रूपी के दस गांव के लोगों का है। जहां पर अब किसी बीमार होने पर उसे अस्पताल पहुंचाने की चिंता भी स्थानीय लोगों को सता रही है।
जलस्तर उफान पर ग्रामीणवासी बेबस
इन गांवा के लोगों की कैद की वजह यहां पर बहने वाला बुरंग नाला हैं जिसका जलस्तर पिछले कई दिनों से लगातार जारी बारिश से उफान पर हैं।
इस वजह से यह पूरा क्षेत्र जिला मुख्यालय सहित प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से कट चुका है। हालत ऐसी है कि लोगों के लिए खाद्य सामग्री तक नहीं पहुंच पा रही है। जबकि बीमारी के हालात में समस्या और भी गंभीर हो सकती है। क्षेत्र के दस गांव में लगभग तीन हजार से अधिक लोग रहते है।
हालांकि उक्त स्थान पर शोरंग पॉवर प्रोजेक्ट भी बन रहा है। लेकिन प्रोजेक्ट प्रबंधन भी लोगों की सुविधा के लिए न ही पुल लगा पा रहा है और नहीं स्पेन।
बिजली परियोजना निर्माण के लिए हटा दिया पुल
लोगों के अनुसार उक्त स्थान पर वन विभाग ने कुछ समय पूर्व एक पुल का निर्माण किया था । मगर यहां बन रही बिजली परियोजना ने निर्माण के दौरान पुल को हटा दिया गया है।
अगर आपात स्थिति में लोगों को रिकांगपिओ या शिमला के लिए आना भी पड़े तो उन्हें वाया कंबा होते हुए 40 किमी का पैदल सफर कर निगुलसरी पड़ेगा।
जिला मुख्यालय से कटे इन गांव के लोग
नाले का जल स्तर बढ़ने से निचार खंड की ग्राम पंचायत रूपी के तहत आने वाले गांव हुरवा, शिगारचा, पोष्पा, बुरंग, छाडिंग, नालिंग-1,नालिंग-2, मजगांव, गुरगुरी, डबलिंग और बटकाओ के करीब तीन हजार लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है।
इस क्षेत्र में अव्यवस्थाओं की हालत यह है कि लोगों को बाहर जाने के लिए स्पेन लगाया गया है। मगर उसे खिंचने के लिए रस्सी नहीं है। ऐसे में यह स्पेन भी जनता की कोई मदद नहीं कर पा रहा है।
लोनिवि के एसडीओ भवानगर आरसी कौंडल ने बताया कि मुझे फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन मौके का जायजा लेकर लोगों को राहत पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।