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ट्रिब्यूनल बंद करने के विरोध में वकीलों ने नहीं किया काम, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
Thu, 25 Jul 2019 09:30 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 25 Jul 2019 09:30 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद किए जाने के फैसले के विरोध में गुरुवार को प्रदेश भर में वकीलों ने अदालती कामकाज नहीं किया। हिमाचल प्रदेश ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के सदस्यों के आह्वान पर प्रदेश के वकीलों ने राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध किया। प्रदेश हाईकोर्ट व ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा।
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हाईकोर्ट सहित सभी जिला कचहरियों के बाहर एकत्रित होकर वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। सरकार से कैबिनेट में लिए गए प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग की। वकीलों का कहना है कि सरकार का फैसला गलत व एकतरफा है। हरियाणा की भाजपा सरकार ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल खोलने के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है जबकि हिमाचल सरकार ट्रिब्यूनल बंद करने पर लगी हुई है।
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ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंदेल ने कहा कि सरकार के इस फैसला का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल के पुनर्गठन के बाद फरवरी 2015 से अब तक लगभग 24 हजार मामलों का निपटारा किया गया है। करीब 34 हजार मामले दायर हुए। करीब दस हजार मामले लंबित पड़े हैं। हाईकोर्ट से आए करीब 6600 मामलों में से करीब 2000 मामलों का निपटारा कर लिया गया है।
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कई मामलों में सुनवाई खंडपीठ न होने की वजह से नही हो रही है। लंबे समय से प्रशासनिक सदस्यों के पद रिक्त पड़े है। दो नामों की सिफारिश के बावजूद सरकार ने उन्हें नियुक्ति देने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि दरवाजे तक न्याय वाले विचार को लागू करते हुए ट्रिब्यूनल का सर्किट बेंच हर महीने एक सप्ताह के लिए मंडी व एक सप्ताह के लिए धर्मशाला जाता है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ट्रिब्यूनल को बंद करने की तैयारी में है।