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धंसने लगा हिमाचल का ये गांव!

Mon, 28 Apr 2014 08:28 PM IST
बयूरो/ अमर उजाला, रिकांगपिओ(किन्नौर)
बयूरो/ अमर उजाला, रिकांगपिओ(किन्नौर) Updated Mon, 28 Apr 2014 08:28 PM IST
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land subsidence has occured in Kinnaur

जिले के निचार खंड में जमीन धंसने का सिलसिला जारी है। दुनों गांव के बाद अब रांगो कंडे में भूस्खलन से लोग सहमे हुए हैं। क्षेत्र में जमीन में बड़ी दरारें आ गई है। अगर जमीन के धंसने सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा तो हल्की सी बरसात भी क्षेत्र में कहर बरपा देगी।

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इससे क्षेत्र के नौ गांवों की लगभग 3000 की आबादी को को चल और अचल संपति से हाथ धोना पड़ सकता है। इससे पहले दुनों में जमीन धंसने का मामला सामने आ चुका है।
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वहां के करीब 400 लोग दहशत में रहने को मजबूर है। दुनों में पिछले मार्च माह लगातार भू-स्खलन होने से क्षेत्र के लोग स्थानीय देवता नारायण साहिब के शरण में गए थे।
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409 परिवारों को खतरा

land subsidence has occured in Kinnaur

दुनों में तो फिलहाल भू-स्खलन का सिलसिला थम गया है। लेकिन निचार खंड के रांगों, कंडा, डेड, बनालोस,पलेरिंग और बारों में मां उषा देवी के सेब के बगीचों पर संकट बना हुआ है। वहीं, अगर जमीन की धंसना इसी प्रकार से जारी रहा तो क्षेत्र के 409 परिवारों को खतरा पैदा हो जाएगा।

वहीं, बगीचों के अलावा अपनी जमीन से भी हाथ धोना पड़ेगा। ग्राम पंचायत निचार के पूर्व उपप्रधान एवं मां उषा देवी कमेटी के सदस्य वीरेंद्र नेगी, कृष्ण भगत नेगी, दिमाग चंद नेगी, कपिल नेगी, मनसा राम नेगी, उदेव नेगी, हुकम सिंह, भगत सिंह, लक्ष्मण सिंह, शालिक राम, वीरेंद्र, यशपाल नेगी सहित कई अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से समय रहते भू-वैज्ञानियों की टीम बुलाकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा

land subsidence has occured in Kinnaur

इस बारे में एसडीएम भावानगर विवेक भाटिया ने कहा कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा इस बारे में उपायुक्त किन्नौर को अवगत करवा दिया गया है। मामले को जीएसआई में डाला गया है।

प्रदेश विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. डीडी शर्मा ने कहा कि भूमि से छेड़छाड़ पर ही ऐसा हो सकता है। अंधाधुंध हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाए गए हैं। जिनकी यही परिणति हो सकती है।

यह क्षेत्र प्राकृतिक तौर पर भी संवेदनशील है। यद्यपि इस पर अध्ययन किया जाना बाकी है।

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