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अटल टनल रोहतांग शुरू होने से छह माह बर्फ की कैद में नहीं रहेंगे लाहौली
Fri, 02 Oct 2020 05:30 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 02 Oct 2020 05:30 PM IST
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अटल टनल रोहतांग
- फोटो : अमर उजाला
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन के बाद देश की सीमाओं पर पहरा दे रहे जवानों तक गोला बारूद पहुंचाना आसान हो जाएगा। छह महीने तक बर्फ की कैद में रहने वाले लाहौल के लोगों को भी राहत मिलेगी। अटल टनल रोहतांग से वाहनों की आवाजाही शुरू होने के साथ लाहौल का पलायन भी रुकेगा। सर्दियों के दिनों में लाहौल-स्पीति के सैकड़ों लोग कुल्लू-मनाली में डेरा डालते हैं। कुल्लू-मनाली में लाहौल के कई लोगों ने अपने घर बनाए हैं।
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कई किराये पर भी रहते हैं। मार्च-अप्रैल में रोहतांग दर्रा बहाल होते ही लाहौली अपने घरों का रुख करते हैं। टनल खुलने से उन्हें पलायन की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाहौल-स्पीति जिला 12 महीने देश-दुनिया से जुड़ा रहेगा। मनाली-लेह मार्ग की दूरी कम होगी। लाहौल के लोग सुबह कुल्लू आकर शाम को टनल से वापस भी लौट सकेंगे। अभी तक आने-जाने में दो से तीन दिन लगते थे, लेकिन टनल से होकर केलांग से मनाली तक महज चार घंटे में पहुंचा जा सकता है।
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