करोड़ों रुपये के कारोबार वाली लाहौल पोटेटो सोसायटी भंग, ये है वजह
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भ्रष्टाचार और गबन के आरोप साबित होने पर करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली लाहौल पोटेटो सोसायटी (एलपीएस) को भंग कर दिया गया है। जांच के बाद आरोप साबित होने पर यह कार्रवाई की गई है।
साल 2017 में एलपीएस की आम सभा में जिला परिषद सदस्य सुदर्शन जस्पा ने एलपीएस प्रबंधन और बोर्ड के पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और इसकी जांच करने की मांग की थी। इसके बाद कोऑपरेटिव सोसायटी शिमला के रजिस्ट्रार से इसकी शिकायत की गई थी।
इसमें सोसायटी के पूर्व पदाधिकारी पर दस लाख रुपये के गबन के साथ मनाली में एलपीएस के होटल और गेस्ट हाउस को कौड़ी के भाव देने तथा रायसन स्थित एलपीएस की फैक्ट्री की लीज प्रक्रिया को जारी नहीं रखने के कारण संस्था को हुए करोड़ों रुपये के नुकसान के आरोप लगाए गए।
शिकायत के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय शिमला ने सहायक पंजीयक कुल्लू को जांच के आदेश दिए गए। जांच में आरोप सही पाए गए और यह कार्रवाई की गई। उधर, सहायक पंजीयक कुल्लू चेतन ने कहा कि अनियमितता बरतने पर कार्रवाई की है।
करोड़ों में सोसायटी का सालाना टर्नओवर
एलपीएस के पास करोड़ों का टर्नओवर है। लाहौल के तांदी में सोसायटी का पेट्रोल पंप चल रहा है। इसके अलावा कुल्लू और लाहौल में दर्जनों राशन की दुकानें, आलू बीज का कारोबार, मनाली में तीन सितारा होटल, एक गेस्ट हाउस, रायसन में फैक्टरी समेत ट्रक और गाड़ियां है।
सोसायटी का काम अब सहकारी सभा के निरीक्षक देखेंगे
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सात सदस्यों वाली कार्यकारिणी के भंग होने के बाद अब एलपीएस का कामकाज सहकारी सभा के निरीक्षक देखेंगे। वे नई कार्यकारिणी तक सोसायटी का संचालन करेंगे।