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Shimla News: लेडिज सदरी और वूलन सूट कर रहे महिलाओं को आकर्षित
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शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित प्रदर्शनी देखते लोग ।फोटो संवाद
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गेयटी के टेवरन हॉल में मंडी के बनुकरों की हथकरघा और हस्तशिल्प प्रदर्शनी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में महिलाओं के लिए तैयार की लेडिज सदरी और वूलन सूट लोगों को भा रहे हैं। सोमवार से शुरू हुई प्रदर्शनी में मंडी जिले के कारीगरों की ओर से तैयार पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के ऊनी परिधान प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी में स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी स्वदेशी उत्पादों में खास रुचि दिखा रहे हैं। राजेश्वरी हथकरघा और हस्तशिल्प लिमिटेड की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में सात स्टॉल लगाए हैं। इनमें हाथ से बुने ऊनी सूट, आकर्षक सदरी, शॉल, स्टॉल, टोपी और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल हैं।
महिलाओं के लिए विशेष रूप से तैयार की ऊनी सदरी और सूट में पारंपरिक पहाड़ी पैटर्न के साथ आधुनिक रंगों और कट का मेल किया गया है। इसे खरीदार खूब पसंद कर रहे हैं। लेडिज सदरी की कीमत 800 से 3,000 रुपये और वूलन सूट 2,000 से 4,000 रुपये तक है। इसके अलावा शॉल 800 से 5,000 रुपये, स्टॉल 500 से 3,000 रुपये, जेंट्स कोट 5,000 से 7,000 रुपये और पहाड़ी टोपी 300 से 500 रुपये तक उपलब्ध है।
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बुनकरों का कहना है कि ऐसी प्रदर्शनियों से उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलता है और स्थानीय कला व संस्कृति को नई पहचान मिलती है। पर्यटकों और शहरवासियों की बढ़ती रुचि से कारीगर काफी उत्साहित हैं।
प्रदर्शनी के आयोजक करण राम ने बताया कि उनके समूह से करीब 100 लोग जुड़े हैं। इनमें लगभग 70 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य मंडी जिले के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को व्यापक मंच देना और स्वदेशी कला को बढ़ावा देना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में महिलाओं के लिए तैयार की लेडिज सदरी और वूलन सूट लोगों को भा रहे हैं। सोमवार से शुरू हुई प्रदर्शनी में मंडी जिले के कारीगरों की ओर से तैयार पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के ऊनी परिधान प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी में स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी स्वदेशी उत्पादों में खास रुचि दिखा रहे हैं। राजेश्वरी हथकरघा और हस्तशिल्प लिमिटेड की ओर से आयोजित प्रदर्शनी में सात स्टॉल लगाए हैं। इनमें हाथ से बुने ऊनी सूट, आकर्षक सदरी, शॉल, स्टॉल, टोपी और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल हैं।
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महिलाओं के लिए विशेष रूप से तैयार की ऊनी सदरी और सूट में पारंपरिक पहाड़ी पैटर्न के साथ आधुनिक रंगों और कट का मेल किया गया है। इसे खरीदार खूब पसंद कर रहे हैं। लेडिज सदरी की कीमत 800 से 3,000 रुपये और वूलन सूट 2,000 से 4,000 रुपये तक है। इसके अलावा शॉल 800 से 5,000 रुपये, स्टॉल 500 से 3,000 रुपये, जेंट्स कोट 5,000 से 7,000 रुपये और पहाड़ी टोपी 300 से 500 रुपये तक उपलब्ध है।
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बुनकरों का कहना है कि ऐसी प्रदर्शनियों से उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलता है और स्थानीय कला व संस्कृति को नई पहचान मिलती है। पर्यटकों और शहरवासियों की बढ़ती रुचि से कारीगर काफी उत्साहित हैं।
प्रदर्शनी के आयोजक करण राम ने बताया कि उनके समूह से करीब 100 लोग जुड़े हैं। इनमें लगभग 70 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य मंडी जिले के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को व्यापक मंच देना और स्वदेशी कला को बढ़ावा देना है।