शिमला रेप केस: अब नार्को टेस्ट से ही लगेगी सीबीआई की जांच पर मुहर
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गुड़िया हत्याकांड की जांच में खाली हाथ चल रही सीबीआई पुलिस की जांच पर ही आगे बढ़ रही है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने अब तक जांच में दौरान जो भी साक्ष्य जुटाए हैं, उनमें पुलिस की जांच पर ही आगे बढ़ने की बात सामने आ रही है।
हालांकि, कुछ अन्य लोगों का नाम सामने आया है, लेकिन बिना ठोस सबूतों के सीबीआई कार्रवाई से बच रही है। यही कारण है कि अब सीबीआई ने नार्को टेस्ट की मदद ली है।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की जांच की थ्योरी में जो गैप हैं, उन्हें नार्को टेस्ट में मिलने वाली जानकारी से भरा जाएगा, ताकि जांच की थ्योरी को फुलप्रूफ साबित किया जा सके।
...और भी अफसर हैं रडार पर
सूत्रों का यह भी कहना है कि सूरज हत्याकांड में आईजी समेत आठ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तारी कर सीबीआई ने लॉकअप हत्याकांड को गुड़िया प्रकरण की एक कड़ी के रूप में माना है।
ऐसे में सीबीआई गुड़िया प्रकरण की शुरुआत से जांच कर उसमें चूक करने वाले अफसरों को भी अपनी जद में ला सकती है।
सूत्रों का कहना है अब तक सीबीआई की जांच सूरज की हत्या पर टिकी थी, लेकिन अब वह सूरज की हत्या की जांच से मिले सबूतों, गुड़िया के हत्यारोपियों से हुई पूछताछ और नार्को टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद सारी कड़ियाें का मिलान करेगी।
तत्कालीन एसपी और एडिशनल एसपी पहले ही जांच में लापरवाही बरतने को लेकर सीबीआई के रडार पर हैं। नार्को टेस्ट से यदि कुछ और सच सामने आता है तो जांच का दायरा बढ़ाया भी जा सकता है।