Himachal News: हिमाचल में तीसरी, छठीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परखी जाएगी प्रतिभा
हिमाचल प्रदेश में तीन नवंबर को निजी और सरकारी स्कूलों की तीसरी, छठीं और नौवीं की 6,242 कक्षाओं का राज्य शिक्षा उपलब्धि सर्वेक्षण किया जाएगा।
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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और परख प्रदेश के विद्यार्थियों के टैलेंट को परखेगी। इसके लिए स्कूलों का मूल्यांकन शुरू किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में तीन नवंबर को निजी और सरकारी स्कूलों की तीसरी, छठीं और नौवीं की 6,242 कक्षाओं का राज्य शिक्षा उपलब्धि सर्वेक्षण किया जाएगा। इसमें सभी जिलों में गठित की गई प्रशिक्षित फील्ड टीमें स्कूलों में जाकर गणित और भाषा विषय के संबंध में विद्यार्थियों का सर्वे करेगी। इसकी रिपोर्ट एससीईआरटी की ओर से एनसीईआरटी को सौंपी जाएगी। इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर परख उसे अपनी शिक्षा नीतियों में शामिल करेगी।
प्रदेश शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने प्रदेश के चयनित स्कूलों के सभी अध्यापकों और विद्यार्थियों को उस दिन उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। राज्य शिक्षा उपलब्धि सर्वेक्षण की जिला समन्वयक बबीता ठाकुर ने बताया कि यह सर्वे प्रदेश में पहली बार हो रहा है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। सर्वे के लिए 468 बीएड कॉलेज के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह फील्ड टीमें चयनित स्कूलों में जाकर एनसीईआरटी और परख की ओर से जारी पाठ्य सामग्री के संबंध
में गणित और भाषा विषय का सर्वे करेगी।
यह है परख का काम
नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने भारत का पहला राष्ट्रीय मूल्यांकन नियामक परख जारी किया है। जो देशभर में सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्डों के लिए छात्र मूल्यांकन और मूल्यांकन के लिए मापदंड, मानक और दिशानिर्देश स्थापित करने पर काम करेगा। इसके तहत प्रदेश के निजी और सरकारी स्कूलों की शिक्षा का सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न राज्य बोर्डों के साथ नामांकित छात्रों के अंकों में असमानताओं को दूर करने के लिए उसे शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा। परख तीन प्रमुख मूल्यांकन क्षेत्रों में काम कर रहा है। जिसमें मूल्यांकन, स्कूल-आधारित आकलन और परीक्षा सुधार शामिल हैं।