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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन: आपदा न आती तो मनाली तक होता फोरलेन का लोकार्पण, पिछले साल मची तबाही ने बढ़ाया इंतजार
Sun, 10 Mar 2024 11:11 AM IST
शाहरुख खान
अनिल ठाकुर, अमर उजाला, बिलासपुर
अनिल ठाकुर, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 10 Mar 2024 11:11 AM IST
सार
आपदा न आती तो मनाली तक किरतपुर-नेरचौक फोरलेन का लोकार्पण होता। पिछले साल मची तबाही ने दो साल का इंतजार बढ़ा दिया है। 2026 में नेरचौक से मनाली तक फोरलेन तैयार होगा।
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किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर मंडी भराड़ी पुल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को किरतपुर-नेरचौक फोरलेन का सुंदरनगर के पुंग तक उद्घाटन करेंगे। यदि प्रदेश में आपदा न आती तो प्रधानमंत्री मनाली तक इस फोरलेन का उद्घाटन करते। बरसात के कारण नेरचौक से मनाली तक फोरलेन का इंतजार दो साल और बढ़ गया है।
नेरचौक से मनाली तक 2024 की जगह 2026 तक पूरी तरह फोरलेन बनकर तैयार होगा। आपदा के कारण इस परियोजना को हुए नुकसान के कारण इसमें दो साल की देरी हो रही है। बरसात के मौसम में भारी बारिश ने इस परियोजना के 20 किलोमीटर के हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
भविष्य में इस तरह की आपदा से फोरलेन को नुकसान से बचाने के लिए संभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए एनएचएआई विशेष ध्यान दे रहा है। ओरोलॉजी और जियोलॉजिस्ट, पर्यावरणविद इसका अध्ययन करेंगे। इस कारण परियोजना को पूरा करने की समय सीमा दो साल बढ़ा दी गई है।
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बता दें कि 9, 10 जुलाई, फिर 14 और 15 अगस्त 2023 को ब्यास में आई बाढ़ के बाद मंडी और मनाली के बीच राजमार्ग को क्षति पहुंची। इस बरसात से पहले एनएचएआई ने मनाली तक इस फोरलेन के तीन चरण किरतपुर-नेरचौक, पंडोह-टकोली और टकोली-कुल्लू को लगभग तैयार कर दिया था।
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नेरचौक से मनाली तक 2024 की जगह 2026 तक पूरी तरह फोरलेन बनकर तैयार होगा। आपदा के कारण इस परियोजना को हुए नुकसान के कारण इसमें दो साल की देरी हो रही है। बरसात के मौसम में भारी बारिश ने इस परियोजना के 20 किलोमीटर के हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
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भविष्य में इस तरह की आपदा से फोरलेन को नुकसान से बचाने के लिए संभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए एनएचएआई विशेष ध्यान दे रहा है। ओरोलॉजी और जियोलॉजिस्ट, पर्यावरणविद इसका अध्ययन करेंगे। इस कारण परियोजना को पूरा करने की समय सीमा दो साल बढ़ा दी गई है।
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बता दें कि 9, 10 जुलाई, फिर 14 और 15 अगस्त 2023 को ब्यास में आई बाढ़ के बाद मंडी और मनाली के बीच राजमार्ग को क्षति पहुंची। इस बरसात से पहले एनएचएआई ने मनाली तक इस फोरलेन के तीन चरण किरतपुर-नेरचौक, पंडोह-टकोली और टकोली-कुल्लू को लगभग तैयार कर दिया था।
जिस क्षेत्र में नुकसान हुआ है, उसके पुनर्निर्माण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के विशेषज्ञ इस पर काम करेंगे। आपदा के बाद केंद्र सरकार की एक्सपर्ट कमेटी ने फोरलेन का विजिट किया था। वहीं भविष्य में इसे सुरक्षित रखा जा सके, इस पर सुझाव और दिशा-निर्देश दिए थे। उन्हीं दिशा-निर्देश पर एनएचएआई काम कर रहा है।
पांच सुरंगों और 37 पुलों का निर्माण
परियोजना में पांच टनल बनाई गई हैं। इनमें सबसे बड़ी टनल 1,800 मीटर गरामोड़ा, टीहरा टनल 1,265 मीटर, भवाणा टनल 740 मीटर, तुन्हू टनल 550 मीटर और सबसे छोटी टनल बागछाल 465 मीटर है। सभी टनल डबल लेन तैयार हो गई हैं। चार टनल की समानांतर सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। गरामोड़ा टनल की समानांतर सुरंग का काम चल रहा है। उसका काम भी काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना में कुल 37 पुल बने हैं। इनमें 22 बड़े और 15 छोटे पुल हैं।
परियोजना में पांच टनल बनाई गई हैं। इनमें सबसे बड़ी टनल 1,800 मीटर गरामोड़ा, टीहरा टनल 1,265 मीटर, भवाणा टनल 740 मीटर, तुन्हू टनल 550 मीटर और सबसे छोटी टनल बागछाल 465 मीटर है। सभी टनल डबल लेन तैयार हो गई हैं। चार टनल की समानांतर सुरंग के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। गरामोड़ा टनल की समानांतर सुरंग का काम चल रहा है। उसका काम भी काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना में कुल 37 पुल बने हैं। इनमें 22 बड़े और 15 छोटे पुल हैं।
पुल से आगे नेरचौक तक छह किलोमीटर बाईपास का ही काम शेष बचा
किरतपुर से नेरचौक तक इस फोरलेन का काम लगभग पूरा हो गया है, लेकिन सुंदरनगर के पुंल से नौलखा तक करीब छह किलोमीटर बाईपास का निर्माण कार्य शेष है। नौलखा से नेरचौक तक का काम भी पूरा है।
किरतपुर से नेरचौक तक इस फोरलेन का काम लगभग पूरा हो गया है, लेकिन सुंदरनगर के पुंल से नौलखा तक करीब छह किलोमीटर बाईपास का निर्माण कार्य शेष है। नौलखा से नेरचौक तक का काम भी पूरा है।
इन्हें दिया निमंत्रण
एनएचएआई ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, आनंदपुर साहिब से लोकसभा सांसद मनीष तिवारी, मंडी से सांसद प्रतिभा सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, किरतपुर के विधायक हरजोत बैंस, विधायक रणधीर शर्मा, त्रिलोक जमवाल, जीतराम कटवाल, राकेश जमवाल को उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है। ये सभी आमंत्रित अतिथि शिमला में मौजूद रहेंगे।