13 दोस्त मरे लेकिन उदेव का बाल भी बांका नहीं हुआ
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जाखो राखे सांई मार सके ना कोई यह कहावत बड़ा कंबा सड़क हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बचे 24 वर्षीय युवक उदेव सिंह पर सटीक बैठती है। वह हादसे के समय दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो कैंपर में सवार था। लेकिन हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बच गया। उसके चेहरे में हादसे का खौफ साफ दिखाई दे रहा है।
उदेव ने कहा कि जीप अनियंत्रित होने के कारण सड़क से नीचे गिर गई। हादसा इतनी जल्दी हुआ कि पता नहीं चला। हादसे से पहले सभी लोग एक-दूसरे से बातचीत और हंसी मजाक कर रहे थे। उन्हें क्या पता था कि यह पल उनका आखिरी पल है।
इसके बाद अचानक जीप गिर गई। साथ ही बताया कि जब जीप गिरी तो वह छिटक कर सड़क से 10 से 15 मीटर नीचे ही ढांक में गिर गया। अन्य सभी साथी गाड़ी के साथ और नीचे चले गए।
'साथियों के मरने का दर्द कभी नहीं भूल पाऊंगा'
रात के अंधेरे में कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था। तीखी ढांक में पैर फिसलने का खतरा भी बना हुआ था। वह अपने साथियों का ढूंढने की कोशिश भी कर रहा था। लेकिन उसे कुछ नजर नहीं आ रहा था। उसका कहना है उसकी जान तो बच गई लेकिन अपने साथियों के मरने का दर्द कभी नहीं भूल पाएगा।
उदेव सिंह ने मौत को करीब से देखा। इसके बाद वह मुश्किल से ढांक से सड़क तक मुश्किल से रेंगता हुआ पहुंचा। इसके बाद वहां पर बारातियों का एक और वाहन भी वहां पहुंच गया।
उसने बारातियों को बताया कि बोलेरो कैंपर ढांक में गिर गई है। उसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना 108 नंबर पर दी। 108 नंबर कंट्रोल रुम से इसकी सूचना भावानगर थाने को दी गई। उसने बताया की वह ढांक में बुरी तरह फं स हुआ था।