MMU सहित केंद्र और राज्य सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
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महर्षि मार्कंडेय यूनिवर्सिटी एमबीबीएस एडमिशन विवाद में हिमाचल हाईकोर्ट ने एमएमयू सहित राज्य सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने आरुषि ठाकुर और अन्य 57 छात्रों की ओर से दायर रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद एचपीयू और एमसीआई को भी नोटिस जारी कर 20 सितंबर तक अपना पक्ष कोर्ट में रखने के आदेश दिए।
प्रार्थियों के अनुसार उन्हें एमएमयू बिना कोई लिखित कारण बताए एमबीबीएस कोर्स के लिए दाखिला नहीं दे रहा है। प्रार्थियों का कहना है कि उन्होंने सीबीएसई की ओर से 1 मई और 24 जुलाई को आयोजित एनईईटी की परीक्षा दी थी। इसके बाद एचपीयू की ओर से आयोजित केंद्रीय काउंसलिंग कमेटी ने उनके नाम एमएमयू में दाखिले के लिए प्रायोजित किए।
8 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने भी उन्हें दाखिला दिए जाने की अनुशंसा की। प्रार्थियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार विश्वविद्यालय से उन्हें दाखिला देने के लिए गुहार लगाई, लेेकिन उन्हें जिला सोलन के कुमारहट्टी स्थित कॉलेज में आने भी नहीं दिया जा रहा है। एमएमयू प्रशासन के इस रवैये के कारण उन्हें अब किसी अन्य कॉलेज में भी दाखिले नहीं मिलेंगे। अन्य सभी कॉलेजों में सारी सीटें भर चुकी हैं।
MMU पर सख्त हुई सरकार, कहा देना ही होगा दाखिला
महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय के एडमिशन से इनकार के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि एडमिशन चाहे अभी दें या दस दिन बाद, लेकिन दाखिला यूनिवर्सिटी को देना ही होगा।
जो फीस पहले से प्रास्पेक्टस में दी है, उसी के तहत फीस लेनी होगी। कहा कि फीस बढ़ोतरी की विश्वविद्यालय की मांग पर सरकार पंजाब, उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों के निजी मेडिकल कॉलेजों के फीस स्ट्रक्चर का अध्ययन करेगी।
इसके बाद जरूरत हुई तो अगले सत्र के लिए फीस में बदलाव का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। कैबिनेट में ही फीस बढ़ोतरी पर किसी तरह का निर्णय होगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद फीस बढ़ाने की बात कही थी, जिसे किसी कीमत पर नहीं माना जा सकता। अगर दाखिला नहीं दिया गया तो सरकार को विश्वविद्यालय के खिलाफ सख्त कदम उठाना पड़ेगा।
दिल्ली दौरे पर भी दी सफाई
कौल सिंह का शनिवार को दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। कुछ लोगों ने उनके दौरे को आलाकमान से मुलाकात के तौर पर जोड़ा। इसके बाद सत्ता के गलियारों में कौल सिंह के दिल्ली दौरे की चर्चा होने लगी। हालांकि कौल सिंह ने बताया कि मंडी जिले के कुछ युवा पिछले 25 साल से हर साल एक कार्यक्रम करते आ रहे हैं। कहा कि सत्ता में रहूं या विपक्ष में, हर साल वे मुझे बतौर मुख्य अतिथि बुलाते रहे हैं। उसी कार्यक्रम में शिरकत करने दिल्ली जा रहे हैं।
शिकायत मिली तो होगी जांच
पटवारी भर्ती परीक्षा परिणाम पर उठ रहे सवालों पर कौल सिंह ने कहा कि उनके विभाग की हर भर्ती निर्विवाद रही है। किसी भी भर्ती पर अभी तक सवाल नहीं उठे हैं। इस बार की भर्ती को भी कई चरणों की पारदर्शी व्यवस्था के जरिये कराया गया है। फिर भी अगर शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।