अब मां से दूर नहीं रहेंगे कम वजन वाले नवजात बच्चे
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हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल के जिला अस्पतालों में भी कंगारू मदर केयर यूनिट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। अब कम वजन वाले नवजात मां से दूर इंक्यूबेटर में नहीं रखे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग आईजीएमसी शिमला के बाद धर्मशाला अस्पताल और अन्य तमाम जिला केंद्रों के अस्पतालों में कंगारू मदर केयर यूनिट स्थापित करेगा।
कंगारू केयर यूनिट में दो किलो से कम वजन के बच्चे को मां के साथ रखा जाता है। मां को विशेष गाउन पहनाया जाता है, जिसमें बच्चे को मां के सीने से लगाकर रखा जाता है। इस तरह से मां के तापमान की मदद से बच्चा विकास करता है। मेडिकल कालेज टांडा के गायनी वार्ड में छह बेड का केएमसी यूनिट स्थापित करने की योजना है।
केएमसी यूनिट के फायदे
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. आरएस राणा ने कहा कि कंगारू मदर केयर यूनिट में कम वजन वाले नवजात को बौद्धिक विकास भी बढ़ेगा। विभाग सूबे के सभी जिला केंद्र के अस्पतालों में केएमसी यूनिट स्थापित करने की योजना बना रहा है।
केएमसी यूनिट के फायदे
- केएमसी से नवजात को मां के शरीर की गर्मी मिलेगी, जिससे नवजात का तापमान स्थिर रहेगा।
- इससे नवजात शिशु का वजन बढ़ेगा।
- मां के पास रहने के कारण नवजात अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगा और हर प्रकार के संक्रमण से भी बचेगा।
- मां के शरीर के साथ लगे रहने से शिशु की स्पर्श, स्वाद, देखने, सुनने व सूंघने की इंद्रियों को संतुष्टि मिलती है। इससे उसका विकास तेजी से होगा।