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निदेशालय के लिए गले की फांस बन गई 671 पदों पर जेबीटी भर्ती

Sun, 16 Dec 2018 11:20 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 16 Dec 2018 11:20 AM IST
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jbt recruitment for 671 posts in himachal pradesh pending from two years

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के लिए जेबीटी भर्ती गले की फांस बन गई है। 671 पद भरने के लिए सरकार के सभी पैंतरे फेल हो रहे हैं। जुलाई 2017 से शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया 2018 में भी सिरे नहीं चढ़ सकी है। पहले प्रशासनिक ट्रिब्यूनल और फिर हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के चलते भर्ती प्रक्रिया डेढ़ साल से लटकी हुई है। अब इस भर्ती प्रक्रिया का क्या भविष्य होगा। यह 20 दिसंबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में तय होगा। 20 तक परिणाम घोषित करने पर कोर्ट ने रोक लगाई है।

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सरकार ने वर्ष 2012 में जेबीटी के पदों को भरने के लिए टेट की मेरिट को आधार बनाया था। कुछ अभ्यर्थियों ने इस प्रावधान को यह कहकर चुनौती दी थी कि टेट केवल अध्यापक होने की आधारभूत योग्यता को दर्शाता है न कि यह नौकरी के लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में मेरिट को। इस दौरान सरकार ने टेट की मेरिट के आधार पर हो रही भर्ती प्रक्रिया को जारी रखा, लेकिन चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए।

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ट्रिब्यूनल ने 30 अगस्त 2017 को यह नियम खारिज कर दिया और 750 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का मामला लटक गया। सरकार ने ट्रिब्यूनल में पुनर्विचार याचिका दायर कर 11 जनवरी, 2018 को टेट की मेरिट पर आधारित पुरानी भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने की इजाजत ले ली।

इसके  खिलाफ  प्रार्थी राकेश कुमार ने ट्रिब्यूनल के इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी और 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने जेबीटी के स्वीकृत 750 पदों को टेट की मेरिट से भरने पर रोक लगा दी थी। अब प्रार्थियों का कहना है कि नए भर्ती नियम बनने के बावजूद सरकार नए सृजित पदों को पुराने नियमों से भरने पर अड़ी हुए है और हाईकोर्ट के आदेशों को गलत व मनमाने ढंग से परिभाषित कर रही है।

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