{"_id":"5d7a29818ebc3e0149508f1b","slug":"janmanch-has-become-like-pm-man-ki-baat-ramlal","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम के मन की बात की तरह बन गया है जनमंच: रामलाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम के मन की बात की तरह बन गया है जनमंच: रामलाल
Thu, 12 Sep 2019 04:48 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 12 Sep 2019 04:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और विधायक रामलाल ठाकुर ने जयराम सरकार के जनमंच कार्यक्रम को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने तंज कसा, जनमंच कार्यक्रम प्रधानमंत्री के मन की बात की तरह एक तरफा कार्यक्रम बन गया है।
विज्ञापन
इसमें सरकार के मंत्री सिर्फ अपनी बात सुना रहे हैं, जबकि लोगों की समस्याएं जस की तस पड़ी हैं। बजट की कमी से जूझ रहे विभागों के लिए लोगों को राहत देना मुश्किल हो गया है। रामलाल ठाकुर ने जनमंच कार्यक्रम की परिभाषा और कार्य क्षेत्र को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
वीरवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में प्रेस वार्ता में रामलाल ठाकुर ने कहा कि जनमंच में ऐसे मामलों की सुनवाई भी हो रही है, जिन्हें हल करने का सरकार के पास अधिकार तक नहीं है।
विज्ञापन
कानूनी मामलों, राजस्व से जुड़े जमीन विवाद, फॉरेस्ट क्लीयरेंस के मामलों सहित नेशनल हाइवे, फोरलेन आदि को लेकर भी मंत्री आदेश दे रहे हैं। लोगों द्वारा उठाई गई समस्याओं को जिला उपायुक्तों को भेजा जा रहा है।
मामले हल होने की जगह उपायुक्त कार्यालयों में लंबित हो रहे हैं। जनमंच से पहले अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याओं और मांगों की सूची बना रहे हैं। इसके बाद जनमंच करने पर लाखों खर्च हो रहे हैं। कार्यक्रम के बाद अधिकारी दोबारा मौकों पर जाकर समस्याओं को जांच रहे हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में 15 दिन से अधिक का समय लग रहा है। इस कारण दफ्तरों में अपने काम से आ रहे लोग निराश लौटने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में सरकार दखल नहीं दे सकती, उनको लेकर जनमंच में झूठी बातें नहीं करनी चाहिए।