प्रदेश के लाखों किसानों को अब घर बैठे ही मिल जाएगी मुसाबी
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हिमाचल के लाखों किसानों के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। राजस्व विभाग ने मुसाबी को ऑनलाइन कर दिया है। इससे किसान अब घर बैठे ऑनलाइन मुसाबी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ पूरे मोहाल की नकल जमाबंदी और ततीमा की कापी भी साथ मिलेगी।
राजस्व विभाग की वेबसाइट himachalpradesh.nic.in/revenue पर यह सुविधा उपलब्ध है। यह सुविधा मिलने से किसानों को अब पटवारखाने, एसडीएम कार्यालय, सुगम और लोकमित्र केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुसाबी पर भू-अभिलेख निदेशक पर डिजिटल हस्ताक्षर होंगे और यह आईटी एक्ट से मान्य है।
सूबे के किसानों को अब एक क्लिक पर ऑनलाइन मुसाबी प्राप्त होगी। राजस्व विभाग ने सूबे के 9 जिलों के करीब 17 हजार 14 गांवों का राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया हैं। चंबा के करीब 1592, मंडी के 3367, हमीरपुर के 1778, लाहौल-स्पीति के 521, किन्नौर के 657, कुल्लू के 479, ऊना के 850 और शिमला के 4026 और गांवों के लिए यह सुविधा शुरू कर दी हैं।
जिला सोलन के करीब 2567 गांवों का राजस्व रिकॉर्ड 90 प्रतिशत कार्य ऑनलाइन कर दिया है। दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के वरिष्ठ प्रोग्रामर पंकज मिश्रा ने कहा कि इससे किसान अब घर बैठे ऑनलाइन मुसाबी हासिल कर सकेंगे।
मुसाबी लेने के लिए पटवार सर्कल के काटने पड़ते थे चक्कर
किसानों को मुसाबी लेने के लिए अभी तक पटवार सर्कल के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके बाद पटवारी को राजस्व रिकॉर्ड रूम से मुसाबी को निकालते थे और इसे मैन्युअल तरीके से बनाते थे। इस पूरी प्रक्रिया में कई बार काफी दिन लग जाते थे।
गांव का नक्शा भी मिलेगा
किसानों की भूमि के विवरण के अलावा पूरे गांवों का नक्शा भी ऑनलाइन प्राप्त होगा। इसके अलावा गांवों से जुड़े अन्य गांव की डिटेल भी हासिल होगी।